राजस्थान में मंडियां बंद होने से बढ़ी परेशानी, प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं वापस

राजस्थान में मंडी बंद होने के ऐलान के बाद से ही प्रवासी मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है. रोजी-रोटी के संकट के चलते प्रवासी मजदूर अपने घर वापस लौटने को मजबूर हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Rajasthan Mandi Bandh: राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर कृषक कल्याण फीस हटाने की मांग को लेकर मंडियों में चल रही हड़ताल 2 मार्च तक के लिए आगे बढ़ गई है. इस हड़ताल से उन किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है जो बाहर से जींस लेकर भामाशाह कृषि उपज मंडी में बेचने के लिए पहुंच रहे हैं. साथ ही मजदूर वर्ग के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. हड़ताल की ये परेशानी सिर्फ राजस्थान के एक इलाके तक सीमित नहीं यह कई जिलों से यह परेशानी सामने आ रही है.

हड़ताल ने बढ़ाई परेशानी

दरअसल मंडी खुलने की उम्मीद में मध्यप्रदेश से किसान धान लेकर पहुंचे, लेकिन हड़ताल के आगे बढ़ने से चिंता में आ गए. हड़ताल को लेकर उलझन वाली स्थिति है, करीब 5 दिन से मंडी में हड़ताल के चलते मजदूर भी परेशान होने लगे हैं. बिहार से आए मजदूर वापस गांव जाने की तैयारी कर रहे हैं. क्योंकि अगर हड़ताल ज्यादा दिन चलेगी तो मजदूरी नहीं मिलने से उनका संकट बढ़ता चला जाएगा.

हड़ताल खत्म होने का इंतेजार करते मजदूर

कोटा की भामाशाह अनाज मंडी एशिया की बड़ी मंडी में शुमार है. हजारों की तादाद में बिहार से मजदूर कोटा जाकर मजदूरी करते हैं. लेकिन इन दोनों मंडी परिसर में मजदूर क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं, तो कुछ खाली बैठे सिर्फ हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं. सरकार से मांग कर रहे हैं कि व्यापारियों की मांग जल्द पूरी कर दी जाए नहीं तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा. 

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