राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर हवाई अड्डे से त्रिवेंद्रम रवाना होने से पूर्व मीडिया से बातचीत में वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के जनहित के कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है. 'इंतजार शास्त्र' सीरीज के माध्यम से वे लगातार जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं, लेकिन सरकार से कोई जवाब नहीं मिल रहा. गहलोत ने कहा कि आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले अटकाए जा रहे हैं.
"बेटे वैभव को किराए के मकान में रखा"
परिवार पर निजी हमलों पर उन्होंने कहा, "राजनीति में परिवार को अलग रखना चाहिए." उन्होंने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपने बेटे वैभव गहलोत को सीएम आवास में नहीं रखा, बल्कि किराए के मकान में रहने दिया. RCA चुनाव में भी पुत्र को कोई विशेष लाभ नहीं दिया. जोधपुर से चुनाव लड़ने का मौका पार्टी के निर्णय पर मिला. उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीति में परिवार के सदस्यों को मेहनत के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए, आउट ऑफ टर्म लाभ के वे खिलाफ हैं.
राजस्थान दिवस पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि इसे परंपरागत रूप से इसी दिन मनाया जाता रहा है. पूर्व में प्रधानमंत्री भी इसी दिन बधाई देते रहे हैं.
पंचायत चुनाव में देरी पर सरकार को घेरा
पंचायती राज चुनाव को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा.आरोप लगाया कि चुनाव नहीं कराए जा रहे, जो संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह से अपील की कि राजस्थान सरकार द्वारा पंचायत चुनाव न कराने पर विचार करें, क्योंकि यह संविधान का खुला उल्लंघन है.
यह भी पढ़ें: बिना स्कूल गए वेतन वाले शिक्षक पति-पत्नी पर एक्शन, 9.20 करोड़ रुपये की रिकवरी के आदेश