राजस्थान में NEET अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसें फ्री, रेलवे ने भी चलाई स्पेशल ट्रेनें; जानें जरूरी गाइडलाइंस

राजस्थान में कल होने वाली नीट-यूजी परीक्षा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. 611 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच परीक्षार्थियों को रोडवेज में मुफ्त सफर और स्पेशल ट्रेनों की सौगात दी गई है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
राजस्थान में नीट अभ्यर्थियों के लिए सरकार ने कई सुविधाएं चालू की है.

NEET-UG 2026: देश में कल यानी 3 मई को होने वाली सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी 2026' के लिए राजस्थान पूरी तरह तैयार है. राज्य के 27 जिलों में बनाए गए 611 केंद्रों पर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है.

प्रशासन ने जयपुर के साथ-साथ राजस्थान के प्रमुख कोचिंग हब कोटा और सीकर को 'संवेदनशील' श्रेणी में रखते हुए यहां अतिरिक्त निगरानी के आदेश दिए हैं. इन शहरों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है. अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि परीक्षा की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

Advertisement

परीक्षा केंद्र के आसपास रहेगा 'लॉकडाउन' 

नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में सड़कों पर सन्नाटा रहेगा. इस दायरे में आने वाली फोटोकॉपी की दुकानें, साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र पूरी तरह बंद रखे जाएंगे.

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि तकनीक का दुरुपयोग कर कोई भी असामाजिक तत्व परीक्षा को प्रभावित न कर सके. विद्यार्थियों को केंद्र तक पहुंचने  में कोई परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर पश्चिम रेलवे दो विशेष अनारक्षित ट्रेनें चला रहा है.

जानें चूरू-जयपुर स्पेशल का समय

जयपुर-अलवर स्पेशल: परीक्षा के बाद शाम 7:10 बजे रवाना होकर रात 10:55 बजे अलवर पहुंचेगी. यही नहीं, राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की घोषणा की है, जिससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी.

गर्मी को देखते हुए 'हेल्थ अलर्ट'

मई की तपती गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर छाया और ठंडे पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने नजदीकी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है और एंबुलेंस के साथ-साथ ओआरएस (ORS) के पैकेटों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी छात्र की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत उपचार मिल सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें- अजमेर दरगाह में 'शिव मंदिर' विवाद में किसका सुना जाएगा पक्ष? 12 याचिकाओं पर बहस के बाद कोर्ट का फैसला सुरक्षित