RAS पिंकी मीणा के निलंबन पर राजस्थान हाई कोर्ट की रोक, 5 साल पहले हुई थी निलंबित... जमानत पर की थी शादी

अदालत ने माना कि पिंकी मीणा का मामला इससे अलग नहीं है. साथ ही, निलंबन समीक्षा समिति भी सस्पेंशन जारी रखने के लिए ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी. याचिकाकर्ता 15 जनवरी 2021 से लगातार निलंबित हैं.

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आरएएस पिंकी मीणा

RAS Pinki Meena: राजस्थान हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित RAS अधिकारी पिंकी मीणा को अंतरिम राहत देते हुए उनके निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है. जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि सह-आरोपी RAS अधिकारी पुष्कर मित्तल के निलंबन को पहले ही कोर्ट द्वारा स्थगित किया जा चुका है. अदालत ने माना कि पिंकी मीणा का मामला इससे अलग नहीं है. साथ ही, निलंबन समीक्षा समिति भी सस्पेंशन जारी रखने के लिए ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी. याचिकाकर्ता 15 जनवरी 2021 से लगातार निलंबित हैं और उन्हें करीब पांच साल बाद विभागीय चार्जशीट दी गई है. ऐसे में समानता के आधार पर उनके निलंबन आदेश पर रोक लगाना उचित है.

लंबा निलंबन सजा के समान

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपुल सिंघवी और आदेश अरोड़ा ने अदालत में तर्क दिया कि सेवा नियमों के अनुसार निलंबन एक अस्थायी और निवारक उपाय होता है, ताकि आरोपी अधिकारी जांच को प्रभावित न कर सके.

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उन्होंने कहा कि इस मामले में साढ़े पांच साल से अधिक का समय बीत चुका है, जो निलंबन को सजा के समान बना देता है और यह सेवा नियमों के विपरीत है. उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है, चालान पेश किया जा चुका है और अभियोजन स्वीकृति भी मिल चुकी है. ऐसे में अब अधिकारी के पद पर लौटने से गवाहों या सबूतों के प्रभावित होने की आशंका नहीं है.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा मामला

यह मामला जनवरी 2021 में दौसा जिले से सामने आया था, जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जारी था. निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं.

इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने 13 जनवरी 2021 को बांदीकुई की तत्कालीन एसडीएम पिंकी मीणा पर 10 लाख रुपये और दौसा के तत्कालीन एसडीएम पुष्कर मित्तल पर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

शादी के लिए मिली थी अंतरिम जमानत

गिरफ्तारी के समय पिंकी मीणा की शादी तय थी, जिसके चलते उन्हें हाई कोर्ट से कुछ दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी. शादी की रस्में पूरी करने के बाद उन्होंने पुनः सरेंडर कर दिया था. बाद में एसीबी ने जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया और राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति भी जारी कर दी.

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