राजस्थान के बहुचर्चित जेजेएम घोटाले से जुड़े मामले में सोमवार को कोर्ट में पूर्व जिला मंत्री महेश जोशी और दलाल की भूमिका निभाने वाले संजय बड़ाया की पेशी हुई. एसीपी ने महेश जोशी को 7 मई को उनके निवास से गिरफ्तार किया था. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 4 दिन की रिमांड पर भेजा था. इस दौरान एसीबी ने उनसे टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे. वहीं देर रात करीब 2 बजे, एसीबी संजय बड़ाया को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लेकर जयपुर लाई.
टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी पूछताछ कर सकती है एसीबी
कोर्ट में आज एसीबी ने संजय बड़ाया की 5 दिन और महेश जोशी की तीन दिन की रिमांड मांगी. एसीबी ने कोर्ट में कहा कि दोनों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है. हालांकि कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखने के बाद महेश जोशी को ज्यूडिशल कस्टडी और संजय को 3 दिन की रिमांड पर भेजा है. इस दौरान एसीबी उनसे टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी पूछताछ कर सकती है.
महेश जोशी बोले- एसीबी राजनीतिक दबाव में काम रही
वहीं, पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में महेश जोशी ने मीडिया से कहा कि एसीबी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है. मैं निर्दोष हूं, न्याय और सत्य की जीत होगी. उन्होंने कहा कि जो संजय बड़ाया कोर्ट से अनुमति लेकर विदेश गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करना यह दर्शाता है कि एसीबी दबाव में काम कर रही है. संजय बड़ाया की पत्नी भी सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में रही. वहीं, बड़ाया कोर्ट परिसर में भावुक होते हुए भी दिखाई दिए.
महेश जोशी की गिरफ्तार से राजस्थान की सियासत गरम
राजनीतिक सियासत से जुड़े हुए पूरे मामले में अब आगे क्या होगा, यह तो कोर्ट की कार्रवाई बताएगी. लेकिन इस पूरे मामले से राजस्थान की सियासत चरम पर है. कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगा रही है. वहीं भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के राज में जमकर भ्रष्टाचार हुआ. और एक भी भ्रष्ट व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा.
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