राजस्थान में LPG गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते ही महंगी हो गया बाजार में खाना, जानें ग्राउंड जीरो पर कैसे हैं हालात

राजस्थान के करौली जिले में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और बुकिंग नियमों में बदलाव से लाखों उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही जिल में खाने-पीने की चीजे भी महंगी हो गई है. 

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करौली जिले में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से बाजार महंगा हो गया है.

Rajasthan News: राजस्थान के करौली जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है. जिले में घरेलू और कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं. जिससे अब खाने-पीने की चीजे भी महंगी हो गई है. इसके साथ ही गैस कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव कर दिया है. इस फैसले का असर जिले के लाखों उपभोक्ताओं और होटल-ढाबा कारोबार पर पड़ रहा है.  

घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडर महंगे

नई दरों के अनुसार 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब 60 रुपए महंगा होकर 929 रुपए का हो गया है. पहले यही सिलेंडर 869 रुपए में मिल रहा था. वहीं 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलेंडर भी 100 रुपए से ज्यादा महंगा होकर करीब 1942 रुपए तक पहुंच गया है. लगभग 11 महीने बाद घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.

बुकिंग अब 25 दिन बाद ही संभव

गैस कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग की समयसीमा भी बदल दी है. अब उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर पाएंगे. इससे पहले यह समयसीमा 21 दिन थी और कुछ समय पहले 15 दिन में भी बुकिंग हो जाती थी. नए नियम के अनुसार सिलेंडर लेने के बाद उपभोक्ता का कनेक्शन नंबर 25 दिन तक सॉफ्टवेयर में ब्लॉक रहेगा.

डीएसी कोड से होगी डिलीवरी

अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी केवल डीएसी यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से ही की जाएगी. कई उपभोक्ताओं ने मोबाइल पर ओटीपी नहीं आने की समस्या भी बताई है जिसके कारण उन्हें एजेंसियों पर लाइन में लगना पड़ रहा है.

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जिले के 3.55 लाख उपभोक्ता प्रभावित

करौली जिले में कुल 3 लाख 55 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं. इनमें करीब 1.70 लाख उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं जबकि लगभग 1.85 लाख सामान्य श्रेणी के उपभोक्ता हैं. कीमत बढ़ने और नए नियम लागू होने से सभी प्रभावित हो रहे हैं.

एजेंसियों पर बढ़ी भीड़

कीमत बढ़ने और बुकिंग नियम बदलने की खबर फैलते ही कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई. कई लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा.

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होटल-ढाबा कारोबार पर असर

कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा और मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ गई है. शहर में कई जगह खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं. एक दुकान संचालक जेठू सिंह राजपुरोहित ने बताया कि छोले-भटूरे की प्लेट 40 से बढ़ाकर 50 रुपए करनी पड़ी है. अगर खर्च और बढ़ा तो मिठाई की कीमत भी 40 से 50 रुपए तक बढ़ानी पड़ सकती है. महंगे सिलेंडर के कारण ग्रामीण इलाकों में कई परिवार गैस का कम उपयोग कर रहे हैं. कुछ लोग फिर से लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने लगे हैं.

प्रशासन की अपील

जिला रसद अधिकारी हितेश मीना ने कहा कि जिले में गैस और पेट्रोल की आपूर्ति सामान्य है. लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन और ओटीपी से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा.

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