Rajasthan News: साल के अंत और नए साल की शुरुआत के साथ ही राजस्थान के विभिन्न जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है. प्रदेश के करौली , सीकर और अनूपगढ़ सहित प्रदेश के कई इलाकों में हुई मावठ ने जहां एक ओर आम जनजीवन में ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर यह किसानों के चेहरों लिए सनहरी बूंद बनकर आसमान से टपक रही है.
किसानों के लिए वरदान बनी मावठ की बारिश
दिसंबर आने के साथ किसान लगाार मावठ की बारिश का इंतजार कर रहे थे. कृषि क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी. फसलों को नुकसान होने का डर सता रहा था, लेकिन 31 दिसंबर से शुरू हुई मावठ के दौर ने सारी चिंताएं धो दी हैं. इसी के साथ किसानों के माथे पर पड़ी चिंता की लकीरें पल भर में गायब हो गई. इसे लेकर कृषि विशेषज्ञों और किसानों का कहना है कि 15 से 31 दिसंबर के बीच होने वाली यह बारिश गेहूं, सरसों, चना और जौ जैसी रबी की फसलों के लिए अमृत के समान है. क्योंकि मानवीय सिंचाई से ज्यादा इन्हें इस प्राकृतिक सिंचाई की जरूरत होती है. जो बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त तौर पर नमी के रुप में पहुंच रही है, जिससे फसलों की बढ़वार तेजी से होगी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की संभावना है.
तापमान में भारी गिरावट और जनजीवन पर असर
वही बारिश के साथ चली सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. करौली में जहां बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. तो अनूपगढ़ में गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने बादल और धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता कम रही और दोपहर में भी ठंड का अहसास बना रहा. मौसम विभाग ने करौली सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें आगामी दिनों में भारी ठंड और सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है. इसके चलते मौसम विभाग ने लोगों को घर से जरूरी काम रहने पर ही निकलने की सलाह दी है.
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