Rajasthan: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र, कोचिंग रेगुलेशन समेत कई अहम विधेयकों पर रहेगा फोकस

इसके साथ ही सत्र के दौरान धर्मांतरण विरोधी बिल भी चर्चा का केंद्र रहेगा. यह बिल 3 फरवरी को पिछले बजट सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था लेकिन उस समय चर्चा नहीं हो सकी थी. अब कानून मंत्री के दिए गए संकेतों के बाद इसे मानसून सत्र में पारित कराने की संभावना जताई जा रही है.

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Rajasthan Assembly Session: एक सितंबर से संभावित राजस्थान विधानसभा का आगामी मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिहाज़ से बेहद अहम रहने वाला है. सरकार की प्राथमिकता उन विधेयकों को पारित करवाने की है जो बजट सत्र में प्रस्तुत किए जा चुके हैं या प्रवर समिति को भेजे गए थे.

जानकारी के अनुसार, बजट सत्र में विधानसभा में चार विधेयक पेश किए गए थे, जिनमें से कुछ अभी तक पारित नहीं हो पाए हैं. इसके अलावा तीन महत्वपूर्ण विधेयक प्रवर समिति के पास विचाराधीन हैं, जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है. इनमें राजस्थान कोचिंग सेंटर रेगुलेशन बिल, राजस्थान भू राजस्व संशोधन विधेयक और राजस्थान भूजल प्राधिकरण विधेयक शामिल हैं. इन विधेयकों को मानसून सत्र में पारित करवाने की तैयारी है.

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धर्मांतरण विरोधी बिल भी चर्चा का केंद्र रहेगा

इसके साथ ही सत्र के दौरान धर्मांतरण विरोधी बिल भी चर्चा का केंद्र रहेगा. यह बिल 3 फरवरी को पिछले बजट सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था लेकिन उस समय चर्चा नहीं हो सकी थी. अब कानून मंत्री के दिए गए संकेतों के बाद इसे मानसून सत्र में पारित कराने की संभावना जताई जा रही है.

धर्मांतरण विरोधी विधेयक में जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने पर सख्त सजा के प्रावधान रखे गए हैं. इसके तहत दोषियों को कठोर दंड दिए जाने का प्रावधान होगा, जिससे राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके. सत्र के दौरान विपक्ष भी इन विधेयकों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है ऐसे में सदन में जोरदार बहस देखने को मिल सकती है.

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