Rajasthan News: राजस्थान में डिजिटल जनगणना शुरू होने से पहले ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं. आम लोगों को निशाना बनाने के लिए अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं. इसी खतरे को देखते हुए पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
साइबर अपराधी खुद को जनगणना अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं. वे कॉल, मैसेज या घर आकर लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. उनका मकसद बैंक खाते और डिजिटल डेटा तक पहुंच बनाकर ठगी करना होता है.
ठगी के तीन खतरनाक तरीके सामने आए
पहला तरीका फर्जी कॉल का है जिसमें ठग परिवार की जानकारी और बैंक डिटेल मांगते हैं. वे AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का कंट्रोल ले लेते हैं और खाते से पैसे निकाल लेते हैं.
दूसरा तरीका घर पर पहुंचकर ठगी करने का है. ठग टैबलेट पर जानकारी भरने का नाटक करते हैं और ओटीपी मांग लेते हैं जो असल में बैंक ट्रांजैक्शन का होता है. तीसरा तरीका फर्जी एसएमएस लिंक भेजने का है जिसमें “जनगणना अपडेट करें” जैसे मैसेज देकर डराया जाता है. लिंक पर क्लिक करते ही डेटा चोरी हो सकता है.
जानें क्या है सही प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल जनगणना के तहत Self Enumeration की सुविधा दी गई है. इसके लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही जानकारी भरें. यह प्रक्रिया 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक चलेगी. जनगणना पूरी तरह मुफ्त है और किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती.
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें. अनजान कॉल पर अपनी बैंक या आधार जानकारी साझा न करें. घर आने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र जरूर जांचें और स्थानीय बीएलओ से पुष्टि करें.
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी भी तरह की साइबर ठगी होती है तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें. पास के पुलिस स्टेशन को भी तुरंत सूचना दें.
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