48 साल के पायलट को गहलोत 'बच्चा' समझते हैं, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा बयान

कांग्रेस की आतंरिक गुटबाजी का जिक्र करते हुए मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम पर तंज कसा. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के पुराने नेताओं में घबराहट साफ नजर आने लगी है.

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मदन राठौड़ का गहलोत-पायलट पर बयान.

राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं. गहलोत के मानेसर एपिसोड वाले हालिया बयान के बाद बीजेपी खेमे से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस में नई पीढ़ी की आहट से उनकी बेचैनी काफी बढ़ गई है. वे अब महज अपना राजनीतिक वजूद बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. राठौड़ ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि गहलोत की राजनीतिक प्रासंगिकता अब सिमटती जा रही है. 

आलाकमान को याद दिलाते हैं गहलोत- राठौड़

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सक्रियता साबित करने की छटपटाहट में गहलोत राजनीतिक विरोधियों से ज्यादा अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साध रहे हैं. गहलोत आज भी मानेसर प्रकरण को भुला नहीं पाए हैं और इस मुद्दे को उठाकर वे न केवल सचिन पायलट, बल्कि कांग्रेस आलाकमान को भी उस घटना की याद दिलाते रहते हैं.

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पायलट के लिए कही ये बातें

उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत आज भी सचिन पायलट को 'बच्चा' ही समझते हैं, जबकि पायलट (48) लंबे अरसे से कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सोच पर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि क्या पार्टी के दिग्गजों को अपने ही युवा चेहरों की राजनीतिक समझ और परिपक्वता पर कोई भरोसा नहीं है. राठौड़ ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व अब बदलाव की ओर देख रहा है और तीसरी-चौथी पीढ़ी के नेताओं को आगे ला रहा है, जिससे पुराने नेताओं में घबराहट साफ नजर आने लगी है.

कांग्रेस खेमेबाजी में उलझी है- प्रदेशाध्यक्ष

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने आंतरिक मामला बताते हुए स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के बीच जनता की सेवा को लेकर कोई सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होती है, तो भाजपा उसका हमेशा स्वागत करेगी. 

प्रदेश की मौजूदा सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से विकास और जनकल्याण के काम में जुटी हुई है. कांग्रेस जहां अपनी खेमेबाजी में उलझी है,  भाजपा का मुख्य फोकस राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहकर केवल प्रदेश की प्रगति और सुशासन पर है.

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