राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में किसानों से अवैध वसूली का आरोप सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. आरोप है कि कृषि पर्यवेक्षक हरिकृष्ण ने किसानों को गुमराह किया और उनका अनुदान हड़प लिया. प्रकरण में राजस्थान कृषि आयुक्तालय ने कृषि पर्यवेक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वर्तमान में हरिकृष्ण सूरतगढ़ के सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय के अधीन कार्यरत थे. कृषि आयुक्तालय में कमिश्नर नरेश कुमार गोयल के जारी आदेश के अनुसार, हरिकृष्ण पर विभागीय योजनाओं के तहत कृषि यंत्र (एग्री स्प्रेयर) दिलाने के नाम पर किसानों से नकद और चेक के माध्यम से धनराशि एकत्र करने का आरोप है.
आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने आदेश जारी किए.
अनुदान राशि के दुरुपयोग के मामले में जांच शुरू
आरोप है कि खाली कागजों और प्रपत्रों पर किसानों के हस्ताक्षर करवाए, अनाधिकृत रूप से राशि हड़पी और किसानों के साथ धोखाधड़ी की. इसके अलावा राजकीय अनुदान राशि के दुरुपयोग से जुड़ा मामला भी विभागीय जांच के दायरे में है.
आदेश के मुताबिक, राजस्थान असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरिकृष्ण को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान हरिकृष्ण का मुख्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद, डूंगरपुर रहेगा.
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