एलडीसी पेपर लीक के कथित मामले में कांग्रेस आक्रामक हो गई है. जैसलमेर कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने मामले की जांच SOG से कराने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि यह नकल का नहीं, बल्कि पेपर लीक का मामला है. उनका कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर गया था और विभागीय जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है. उन्होंने पदम सिंह के परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पद्म सिंह के बेटे वीरेंद्र सिंह की पटवारी भर्ती परीक्षा और ग्राम सेवक भर्ती में हुई सफलता की जांच होनी चाहिए. यह भी देखा जाए कि उसके परीक्षा केंद्र पर किन कर्मचारियों की ड्यूटी थी. इसके अलावा दूसरे बेटे देवेंद्र सिंह, जो वर्तमान में सरकारी शिक्षक हैं, उनके चयन की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
अधिवक्ताओं ने ध्यान भटकाया- कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा, "आरोपी पदम सिंह द्वारा मोबाइल फोन तोड़े जाने का मामला पूरे प्रकरण को संदेहास्पद बनाता है. अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो मोबाइल तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी. मोबाइल के डेटा की गहन जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाए. आरोपियों के अधिवक्ता ने प्रेस वार्ता कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए, लेकिन पूरे समय में पेपर लीक के मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया. अधिवक्ताओं ने तथ्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया और जनता को गुमराह किया."
अमरदीन फकीर ने कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को इस मामले में नामजद किया गया है, उनकी पिछले तीन वर्षों में जिन-जिन परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी लगी, उन सभी परीक्षाओं की जांच होनी चाहिए. साथ ही उन केंद्रों से चयनित अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जाए.
सवाल- जेल जाने के बाद भी कर्मचारी के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं?
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, उन्हें अब तक विभाग द्वारा निलंबित क्यों नहीं किया गया? नियमों के अनुसार 24 घंटे से अधिक न्यायिक अभिरक्षा में रहने वाले सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया.
25 जुलाई तक का अल्टीमेटम
फकीर ने मांग की है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए. अगर पुलिस ने 5 लोगों को आरोपी बनाया है तो सिर्फ 2 की गिरफ्तारी समझ से परे है. सभी आरोपियों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई सहित अन्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया तो 25 जुलाई को जिला कलेक्टर और एसपी ऑफिस का घेराव होगा.
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