Rajasthan News Live Updates, 27 January 2026: आज 27 जनवरी 2026 को राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मी और प्रशासनिक हलचल अपने चरम पर है. प्रदेश की सबसे बड़ी सियासी खबर अजमेर से आ रही है, जहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में कांग्रेस ने 'सनातन और गोवंश संरक्षण' का मुद्दा उठाकर कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल दिया है. कांग्रेस की इस सक्रियता ने प्रदेश में एक नई बहस छेड़ दी है. वहीं, राजधानी जयपुर में विधानसभा के बाहर एक बेकाबू थार द्वारा चार गाड़ियों को टक्कर मारने की घटना ने सड़क सुरक्षा और वीआईपी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सिर्फ राजनीति ही नहीं, आज मौसम विभाग (IMD) ने भी राजस्थान के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण जयपुर, अजमेर और कोटा सहित 22 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी है, जिससे कड़ाके की ठंड की वापसी हो सकती है. स्वास्थ्य के मोर्चे पर, पश्चिम बंगाल में निपा वायरस (Nipah Virus) के नए मामले सामने आने के बाद राजस्थान का चिकित्सा विभाग भी हाई अलर्ट पर है. इसके साथ ही, देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए UGC के नए 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' को लेकर चल रहा विवाद आज राजस्थान के विश्वविद्यालयों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
इन तमाम बड़ी खबरों, पल-पल के अपडेट्स और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए हमारे इस लाइव ब्लॉग के साथ जुड़े रहें.
Here Are Live Updates of Rajasthan Breaking News
Rajasthan Breaking News LIVE: विधानसभा सत्र से पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक
विधानसभा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक की गई. वहीं इस बैठक के बाद बीजेपी ने विधायक दल की बैठक बुलाई है. सीएम हाउस में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी. जोगाराम ने इस बैठक के बारे में बताया कि विधानसभा में मुद्दों, तथ्यों और तर्कों पर बात होगी. अगर विपक्ष ने इनकी अनदेखी की तो बीजेपी को उस भाषा में भी जवाब देना आता है.
Rajasthan Breaking News LIVE: वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक संपन्न
वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में राजस्थान विधानसभा में सर्वदलीय बैठक किया गया. विधानसभा का सत्र 28 जनवरी से शुरू होने वाला है. बताया जा रहा है कि बैठक में कई मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा हुई.
Rajasthan News LIVE Updates: सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए सेंट्रल जेल के बाहर सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी
लद्दाख के मशहूर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की रिहाई की मांग को लेकर आज जोधपुर में माहौल गरमा गया है. जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं.
सोनम वांगचुक के समर्थकों ने आज जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया. प्रदर्शनकारी सड़क के बीचों-बीच बैठ गए हैं, जिसके चलते पुलिस को भारी बेरिकेडिंग कर रास्ता बंद करना पड़ा है. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार वार्ता चल रही है, लेकिन समर्थक अपनी जगह से हिलने को तैयार नहीं हैं.
सोनम वांगचुक को पिछले साल सितंबर (2025) में लद्दाख में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर शिफ्ट किया गया था. वह पिछले 120 से अधिक दिनों से जेल में बंद हैं. उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो उनकी रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं और उनकी याचिका पर 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई भी होनी है.
हाल ही में उनकी पत्नी ने सोशल मीडिया पर बताया था कि जेल में रहने के बावजूद वांगचुक हताश नहीं हैं. वह जेल के बैरकों को पर्यावरण के अनुकूल (Eco-responsive) बनाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं और 'Forever Positive' नाम से एक किताब भी लिख रहे हैं.
Rajasthan Breaking News LIVE: UGC के नए नियम पर राजस्थान में उबाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर राजस्थान के झुंझुनूं में विरोध की मशाल जल उठी है. ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों ने आज कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार और UGC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. समाज का कहना है कि यह नया कानून सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट प्रदीप शर्मा ने सीधे तौर पर इस नियम को असंवैधानिक करार दिया. उन्होंने कहा कि UGC का यह नया कानून भारतीय संविधान की धारा 14 (समानता का अधिकार) और धारा 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन करता है. सामान्य वर्ग के युवाओं में इस नियम को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा है. ज्ञापन में मुख्य रूप से अधिकारों पर कुठाराघात करने, जातीय विभाजन करने और अन्यायपूर्ण व्यवस्था के आरोप लगाए गए हैं.
ब्राह्मण समाज के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस "अन्यायपूर्ण" नियम को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह विरोध केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे राजस्थान और राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा.
Rajasthan Breaking News LIVE: नीमकाथाना में पड़े ओले
राजस्थान के कई ज़िलों में आज सुबह से बारिश हो रही है. कुछ इलाकों से ओले पड़ने की भी ख़बरें आई हैं.
नीमकाथाना में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई. देखिए वीडियो.
Rajasthan News LIVE: 29 जनवरी से शुरू होगा बेणेश्वर मेला, 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद!
राजस्थान के वागड़ अंचल में आस्था और संस्कृति का सबसे बड़ा संगम 'बेणेश्वर मेला' 29 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. आदिवासियों का 'महाकुंभ' कहे जाने वाले इस मेले के लिए डूंगरपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कमर कस ली है. माघ पूर्णिमा यानी 1 फरवरी को मुख्य मेला भरेगा, जिसमें राजस्थान ही नहीं बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचेंगे.
मेले की भव्यता और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं. मेला अधिकारी वालसिंह राणा के अनुसार, डूंगरपुर और संभाग के अन्य जिलों से करीब 1000 पुलिस जवान तैनात रहेंगे. चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके. पेयजल, शौचालय, बिजली और सफाई के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं.
पर्यटन विभाग इस बार मेले को और भी रंगारंग बनाने जा रहा है. 29-30 जनवरी को भक्तिमय भजनों की शाम सजेगी. वहीं, 31 जनवरी - 1 फरवरी को पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान TAD और खेल विभाग के सौजन्य से पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी.
प्रशासन ने अब तक करीब 750 दुकानों का आवंटन कर दिया है. पार्किंग स्थलों को विस्तृत किया गया है ताकि गुजरात और एमपी से आने वाले वाहनों को जाम की स्थिति का सामना न करना पड़े.
शंकराचार्य के पक्ष में उतरी कांग्रेस, कलेक्ट्रेट पर पुलिस से भारी झड़प
राजस्थान की सियासत में आज उस समय बड़ा उबाल आ गया जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कांग्रेस ने अजमेर कलेक्ट्रेट पर जोरदार हल्ला बोल दिया. शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बेरिकेड्स पर तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई, जिससे मौके पर भारी तनाव फैल गया.
कांग्रेस ने सीधे तौर पर 'सनातन कार्ड' खेलते हुए शंकराचार्य के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर देश में गोहत्या पर तत्काल सख्त कानून बनाने की मांग की.
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात मसीह समाज का समर्थन रहा, जिसके बाद कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि धार्मिक स्वतंत्रता और संतों के सम्मान की रक्षा नहीं हुई, तो यह आंदोलन पूरे राजस्थान में उग्र रूप अख्तियार करेगा.