उदयपुर में बोट ऑपरेटर के डूबने का मामला सामने आया है. विनोद गुजरात के भावनगर का रहने वाला है और काफी समय से उदयपुर में काम कर रहा था. मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने शव को बाहर निकाल दिया और अंबामाता पुलिस को सुपुर्द किया है. वहीं, पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया और परिजनों को सूचना दे दी है. लेकिन पूछताछ में डूबने के पीछे बड़ी बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि ऑपरेटर विनोद एक पर्यटक का मोबाइल निकालने के लिए कूदा था.
टूरिस्ट बोला- हर रकम देने को तैयार
सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर कैलाश मेनारिया ने बताया कि शाम को एक नंबर से फोन आया था. फतहसागर झील पर मोती मगरी के सामने स्थित उज्जैन बोटिंग प्वाइंट से कॉल किया. उसने कहा कि मेरा मोबाइल पानी में गिर गया है. उसे आप निकाल दो. 15 या 20 हजार, आप जो रकम बोलो, देने के लिए तैयार हूं.
विनोद ने किया था इनकार, फिर मौत की सूचना
बोट ऑपरेटर ने पहले तो मना कर दिया था कि वे निजी कार्य नहीं करते. इसके 20 मिनट बाद ऑफिस में सूचना आई कि बोटिंग प्वाइंट पर डूबने से बॉट ऑपरेटर की मौत हो गई. वहां पहुंचे तो सामने आया कि पर्यटक भाग चुका है. उसने बोटिंग प्वाइंट के ही कर्मचारी के मोबाइल से फोन किया था.
जेटी के नीचे आने के बाहर नहीं आ पाया ऑपरेटर
फतहसागर झील में बोट ऑपरेटर की मौत.
चर्चाएं शुरू हुई कि संभवतया पर्यटक ने बोट ऑपरेटर को भी पैसों का लालच दिया होगा. जेटी के नीचे जाने के बाद वह बाहर नहीं आ पाया. कई देर बाहर नहीं आने पर लोग चिल्लाए और फिर पुलिस, सिविल डिफेंस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल राजपाल ने बताया कि शख्स ने बोटिंग प्वाइंट के कर्मचारी के मोबाइल से बात की थी, उस कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है. बोट ऑपरेटर को कैसे समझाया, इस बारे में भी पता किया जा रहा है.
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