Gen Z ने बदला राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव की गणित! बीजेपी और कांग्रेस ने रणनीति में किया बड़ा बदलाव

जंतर-मंतर पर हाल में हुए युवाओं के प्रदर्शन का असर राजस्थान के निकाय चुनाव पर भी दिख सकता है. दोनों पार्टियों ने युवाओं को साधने के लिए रणनीति पर काम शुरू कर दिया है.

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जंतर-मंतर पर हाल में हुए प्रदर्शन के बाद राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले गणित बदल गया है. टिकट वितरण में अब दोनों मुख्य पार्टियां युवाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है. कांग्रेस ने 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने का ऐलान कर दिया है. जबकि भाजपा संगठन भी युवा चेहरों पर मंथन की कवायद में जुटी है. यह महज चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि बदलती हुई राजनीति की नई पटकथा है. ये बदलाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि राजस्थान में आधे से ज्यादा मतदाता युवा हैं और पहली बार राजनीतिक दल सिर्फ युवा वोट नहीं, बल्कि युवा नेतृत्व की भी बात कर रहे हैं. आखिर निकाय पंचायत चुनाव में कितना बड़ा है Gen-Z फैक्टर.

दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दों पर Gen-Z के प्रदर्शन के बाद अब राजस्थान की राजनीति में भी युवा सबसे बड़ा चुनावी फैक्टर बनते दिख रहे हैं. पंचायत और निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस ने 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने का ऐलान किया ह जबकि भाजपा भी युवा चेहरों पर मंथन कर रही है. 

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सोशल मीडिया वाली जनरेशन ग्राउंड नरैटिव बनाएगी?

जानकार मानते हैं, "1997 के बाद जन्मी यह पीढ़ी, जिसने इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के साथ परवरिश पाई है. अब पारंपरिक चुनावी नारों से ज्यादा रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देती है."

राजस्थान में 18 से 40 साल के 2 करोड़ 54 लाख से अधिक मतदाता हैं, जो कुल मतदाताओं का आधे से ज्यादा हिस्सा हैं. 2026 की मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4 लाख 35 हजार से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं. यही 4 लाख से ज्यादा मतदाता वार्ड और निकाय सीटों पर जीत और हार का अंतर तय कर सकते हैं.

कांग्रेस 50 फीसदी टिकट युवाओं को देगी

कांग्रेस ने पंचायत और निकाय चुनाव में 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने की घोषणा की है. पार्टी संभावित 500 युवा उम्मीदवारों की पहचान कर उन्हें चुनाव प्रबंधन, जनसंपर्क और सोशल मीडिया अभियान का प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस का मानना है कि युवा नेतृत्व के जरिए युवा मतदाताओं से बेहतर संवाद स्थापित किया जा सकता है. कांग्रेस का दावा है कि पंचायत और निकाय चुनाव में युवाओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देकर नई राजनीतिक पीढ़ी तैयार की जाएगी और इसके लिए संभावित 500 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

बीजेपी भी कर रही मंथन

दूसरी ओर, भाजपा भी युवा नेतृत्व को लेकर रणनीति बनाने में जुटी है. पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर विचार कर रही है जो लंबे समय से संगठन से जुड़े हों, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों और स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार रखते हों. भाजपा का फोकस संगठनात्मक अनुभव और युवा ऊर्जा के संतुलन पर है. युवाओं को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है. 

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कांग्रेस के युवा पत्थरबाजी करते हैं- मदन राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के 50 फीसदी युवा टिकट के फैसले पर कहा कि हाल के दिनों में देश ने कांग्रेस के युवाओं का चरित्र देखा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवा प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी करते हैं, देश विरोधी नारे लगाते हैं और महिला पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं. राठौड़ ने कहा कि भाजपा के युवा राष्ट्रभावना के साथ देश सेवा में लगे हैं. भाजपा और कांग्रेस के युवाओं की कोई तुलना नहीं की जा सकती.

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