राजस्थान के अजमेर शहर में वेल्डिंग का कार्य करने वाले एक मजदूर के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद हुए हैं. अजमेर जिले में जाली नोटों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 13 लाख 6 हजार रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी दिखावे के लिए वेल्डिंग का काम करता था, जबकि असल में वह नकली नोटों के कारोबार से जुड़ा हुआ था. पुलिस को आशंका है कि विश्व विख्यात ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के अंतरराष्ट्रीय बाजार और पुष्कर तीर्थ नगरी जैसे पर्यटक एवं श्रद्धालुओं से भरे क्षेत्रों में इन जाली नोटों को खपाने की योजना बनाई गई थी.
कुल 13 लाख रुपये के जाली नोट पकड़े
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घी मंडी सरकारी स्कूल के पास आसमानी रंग का बैग लिए घूम रहे विक्रम जोन पुत्र छितरमल निवासी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी को पकड़ा. तलाशी लेने पर बैग से 500-500 रुपये के जाली नोटों की गड्डियां और नोटों की छपी हुई शीटें मिलीं, जिनकी कुल कीमत 13,06,000 रुपये पाई गई.
पुष्कर और अजमेर में नकली नोट खपाने की थी तैयारी
पूछताछ में आरोपी ने नोटों के नकली होने की बात स्वीकार की. पुलिस ने जाली नोट जब्त कर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है तथा मामले की आगे जांच जारी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दरगाह क्षेत्र में देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले जायरीन और पुष्कर में तीर्थयात्रियों की भीड़ को देखते हुए यह गिरोह नकली नोट चलाकर भारी रकम कमाने की फिराक में था.

घी मंडी के पास किसी को सप्लाई करनी थी खेप
हालांकि शातिर तस्कर अपनी योजना को अंजाम देता, उससे पहले ही गंज थाना पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए बड़ी कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया. दरगाह थाना प्रभारी दिनेश जी बने ने बताया कि विक्रम चौहान की इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति से जान पहचान हुई. वही व्यक्ति नकली नोटों की खेप जॉन को देकर गया. जिसे अजमेर के घी मंडी के पास किसी अज्ञात व्यक्ति को सप्लाई करनी थी.
उससे पहले ही पुलिस ने धर दबोचा. अब पुलिस ने आज आरोपी जॉन को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया. जहां से न्यायालय ने एक दिन के पीसी रिमांड पर पुलिस को सौंपा है. रिमांड अवधि के दौरान नकली नोटों की खेप कहां से आई और किसी व्यक्ति को सप्लाई करनी थी. इसकी जांच की जाएगी. इस कार्रवाई को अजमेर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो दरगाह और पुष्कर जैसे संवेदनशील धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में जाली नोट बाजार में पहुंच सकते थे.
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