राजस्थान पुलिस ने की फर्स्ट रैस्पॉन्स व्हीकल की शुरुआत, 24x7 तत्पर रहेगी पुलिस मोबाइल यूनिट

राजस्थान पुलिस द्वारा कमाण्ड कंट्रोल सेंटर को डायल 112 पर प्राप्त सभी कॉल पर आपातकालीन स्थिति में नजदीकी एफआरवी को भेजकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी.

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डायल 112 व्हीकल को रवाना करती एसपी ऋचा तोमर

Rajasthan Police Dial 112: राजस्थान पुलिस की नई पहल डायल 112 नंबर अब अपराधियों की भी मुश्किल बढ़ाने वाली है. अब आमजन किसी भी प्रकार की घटना की सूचना देने के लिए मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा. दरअसल, राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर जिला पुलिस को 2 आधुनिक एफआरवी यानी फर्स्ट रैस्पॉन्स व्हीकल उपलब्ध करवाए  हैं, जिसके माध्यम से कुछ मिनटों में ही पुलिस क्राइम एरिया पर पहुंच सकेगी. 

24x7 किया जाएगा संचालन

आमजन एफआरवी के माध्यम से किसी भी संकट की स्थिति में 112 नम्बर को डायल करने पर पुलिस मौके पर त्वरित सहायता के लिए पहुंच सकेगी. एसपी ऋचा तोमर ने दोनों वाहनों की पूजा-अर्चना कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. डायल 112 पुलिस मोबाइल यूनिट और फर्स्ट रेस्पॉन्स व्हीकल के समन्वय व संचालन के लिए महिला अपराध एवं अनुसंधान इकाई के एएसपी रामकल्याण मीणा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. इस वाहन का संचालन प्रबंधन अभय कमांड सेंटर के माध्यम से झालावाड़ झालरापाटन शहर में 24x7 किया जाएगा.

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आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं FRV

112 वाहनों को आधुनिक मोबाइल डाटा टर्मिन्ल (एमडीटी), कैमरा, एनवीआर, वायरलेस सेट, GPS पब्लिक एड्रेस सिस्टम, फर्स्ट एड बॉक्स, स्ट्रेचर, हेलमेट व अन्य आपात्कालीन उपकरणों से लैस किया गया है. उक्त वाहन अभय कमाण्ड सेंटर में स्थित ईआरएस डायल 112 से जुड़े रहेगे और इनकी वास्तविक लोकेशन को ट्रैक किया जा सकेगा. कमाण्ड कंट्रोल सेंटर को डायल 112 पर प्राप्त सभी कॉल पर आपातकालीन स्थिति में नजदीकी एफआरवी को भेजकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी.

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अभय कमांड सेंटर द्वारा होगी निगरानी

इन गाडियों की मॉनिटरिंग जिला मुख्यालय के अभय कमाण्ड सेंटर से की जाएगी. इसके साथ ही, कमांड सेंटर के अधिकारी इन गाडियों की पूरी स्थिति का पर्यवेक्षण भी कर सकेंगे. एसपी तोमर ने बताया कि बजट घोषणा में 108 एम्बुलेंस की तर्ज पर अभय कमाण्ड सेंटर एवं डायल 112 को जोड़ते हुए मोबाइल पुलिस यूनिट का गठन किया गया है. इसके तहत जिले को 2 बोलेरो गाडियां मिली है. अभय कमाण्ड सेंटर के निर्देशन में काम करने वाली इन गाडियों में जीपीएस व कैमरे लगे हुए हैं. दुर्घटना होने पर इस गाड़ी में प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर आदि की सुविधा उपलब्ध है.

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मौके पर पहुंचकर दर्ज होगा मुकदमा 

जानकारी के मुताबिक एक गाड़ी में चालक के अलावा पुलिस थाना स्टाफ रहेगा जो 24 घंटे तीन शिफ्ट में काम करेगा. किसी भी तरह की शिकायत आने पर यह गाड़ी दो मिनट में मौके पर पहुंचेगी और मौके की स्थति के बारे में कंट्रोल रूम और अभय कमाण्ड सेंटर को सूचित करेगी. अगर पुलिस स्टाफ को मौके की स्थिति के अनुसार यह लगेगा कि परिवाद दर्ज करना है तो परिवाद भी दर्ज करवाया जाएगा. 

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