Rajasthan Politics: कांग्रेस MLA ने की वसुंधरा राजे की तारीफ, बोले- वो मेरी गुरु हैं, जो सीखा है उन्हीं से सीखा है 

कांग्रेस विधायक ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है, ‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाय? बलिहारी गुरु आपकी, गोविंद दियो बताय. जिन नेताओं ने लोगों के दिलों में राज किया है, उनमें वसुंधरा जी आज भी जीवित हैं, और सांवरलाल जाट तो अमर हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और कांग्रेस विधायक विकास चौधरी

Vikas Choudhary: कांग्रेस के किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी का एक भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वो पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ कर रहे हैं. भाजपा के दिवंगत मंत्री सांवरलाल जाट की यादगार सभा में उन्होंने राजे की जम कर तारीफ की. उन्हें अपना गुरु तक बता दिया. चौधरी ने कहा, मुझे काफी लोगों ने कहा कि अब तो पार्टी चेंज हो गई. मैंने कहा, हां हो गई. विचार भी चेंज हो गए, मैंने कहा हां, हो गए.

लेकिन वसुंधरा जी और सांवरलाल जाट द्वारा दिए गए जो संस्कार हैं, वो नहीं बदले. वो संस्कार आजीवन मेरे साथ रहेंगे.

Advertisement

उन्होंने कहा, ''मुझे आज भी याद है, 2018 में जब मैं एक नौजवान था, तब वसुंधरा जी ने मुझे टिकट दिया. भले ही आज मैं कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीतकर आया हूं, लेकिन इस सवा छः फुट लंबे इंसान की नींव अगर किसी ने रखी है, तो वो वसुंधरा राजे ने रखी है.''

गौरतलब है कि विकास चौधरी पहले भाजपा से विधायक रह चुके हैं. साल 2023 में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं डीटीओ वो कांग्रेस में शामिल हो गए और वर्तमान में अजमेर की किशनगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं. 

''जिन नेताओं ने लोगों के दिलों में राज किया है, उनमें वसुंधरा जी हैं''

कांग्रेस विधायक ने कहा,'' शास्त्रों में कहा गया है, ‘गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाय? बलिहारी गुरु आपकी, गोविंद दियो बताय.' मेरे लिए गुरु सांवरलाल जाट हैं. विकास चौधरी की आत्मा से कोई उन्हें अलग नहीं कर सकता. मैं मानता हूं कि राजनीति में लोग आते हैं, जाते हैं, पार्टियां बनती हैं, बिखरती हैं. लेकिन जिन नेताओं ने लोगों के दिलों में राज किया है, उनमें वसुंधरा जी आज भी जीवित हैं, और सांवरलाल जाट तो अमर हैं.''

3 बार राजस्थान सरकार में रहे मंत्री

बता दें कि सांवरलाल जाट राजस्थान सरकार में 1993, 2003 और 2013 में (तीन बार) मंत्री रहे. इसके बाद 2014 में अजमेर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह मोदी सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री बनाया. हालांकि मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया. हार्ट अटैक के बाद उनका दिल्ली एम्स में काफी समय तक इलाज चला और अगस्त 2017 में उनका निधन हो गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें - हनुमान बेनीवाल फैक्टर की काट ढूंढने में जुटी बीजेपी, नागौर में जाटलैंड फॉर्मूले पर मंथन