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"OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया, कांग्रेस ने फाइलों में दबाए रखा", झाबर सिंह खर्रा का जुबानी हमला

मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को फाइलों में लंबे समय तक दबाए रखा. बीजेपी सरकार बनने के बाद ओबीसी आयोग का गठन हुआ और सटीक आंकड़े जुटाए गए.

"OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया, कांग्रेस ने फाइलों में दबाए रखा", झाबर सिंह खर्रा का जुबानी हमला
झाबर सिंह खर्रा ने ओबीसी आरक्षण पर मीडिया से बातचीत की.

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीकर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने ध्वजारोहण किया. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में खर्रा ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, विकसित, सशक्त और सामाजिक समरसता वाला राष्ट्र बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होगा. मंत्री खर्रा ने कहा कि आजादी के करीब 80 साल पूरे होने जा रहे हैं. दुनिया के कई ऐसे देश, जो विश्व युद्धों में बर्बाद हुए थे, आज विकास के क्षेत्र में काफी आगे हैं. ऐसे में प्रत्येक नागरिक को विचार करना चाहिए कि भारत को आजादी के इतने वर्षों बाद जिस मुकाम पर होना चाहिए था, वहां पहुंचने में क्या कारण रहे और उन कारणों को दूर करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए.

OBC आरक्षण पर कांग्रेस पर साधा निशाना

ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री खर्रा ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने कार्यकाल पर ध्यान देना चाहिए. खर्रा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए फार्मूला तय किया था. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार दो साल से अधिक समय तक रही, लेकिन इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को फाइलों में दबाए रखा. भाजपा सरकार बनने के बाद राजनीतिक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया और पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के सटीक आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई.

विसंगतियों को दूर करने का दावा

खर्रा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के स्तर पर जुटाए गए पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के आंकड़ों की पिछड़ा वर्ग आयोग ने मौके पर जाकर जांच की. जांच के दौरान कुछ विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को दोबारा आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि इसी दौरान देशभर में जनगणना का कार्य भी शुरू हो गया, जिससे स्थानीय प्रशासन के मैनपावर का एक हिस्सा जनगणना और दूसरा हिस्सा पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देशों के तहत आंकड़े जुटाने में लगा रहा. 

मंत्री ने कहा कि राजनीतिक पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपते समय रिपोर्ट में कुछ कमी-खामी की संभावना को स्वीकार किया था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी चुनावों में इन कमियों को दूर करते हुए ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी.

लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के निर्देश

पंचायती राज और स्थानीय निकायों की आरक्षण लॉटरी को लेकर भी मंत्री खर्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को स्थानीय निकायों के पार्षदों की लॉटरी सुबह और पंचायती राज संस्थाओं की लॉटरी शाम को निकाली जानी है. खर्रा ने जिला निर्वाचन अधिकारी से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को लॉटरी प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने का आग्रह किया है.  

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