सीकर नगर परिषद चुनाव के बीच वार्ड नंबर 65 में कांग्रेस ने निर्विरोध जीत के साथ अपना खाता खोल लिया है. वार्ड-65 से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं. भाजपा प्रत्याशी पिंकी पंवार का नामांकन रद्द हो गया है, और निर्दलीय प्रत्याशी सरिता ने नामांकन वापस ले लिया. अब माया देवी के सामने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं बचा.
पिंंकी पंवार का पर्चा खारिज
दरअसल वार्ड-65 से कांग्रेस की ओर से माया देवी, भाजपा की ओर से चूका देवी और पिंकी पंवार और सरिता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप नामांकन दाखिल किया था. भाजपा ने पिंकी पंवार को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया, जिसके बाद चूका देवी का नामांकन खारिज हो गया. इसके बाद भाजपा प्रत्याशी पिंकी पंवार और निर्दलीय सरिता ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया. ऐसे में माया देवी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.
माया देवी निर्विरोध पार्षद बनीं
पिंकी पंवार के परिवार की यह निकाय चुनाव में लगातार तीसरी महिला पार्षद बनने की कड़ी थी. इससे पहले उनकी सास सुगनी और उससे पहले उनकी ननद रेशमा पार्षद रह चुकी हैं. माया देवी के निर्विरोध निर्वाचित होने पर कांग्रेस के पूर्व सभापति जीवण खां ने खुशी जताते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए यह खुशी की बात है कि पार्टी ने एक वार्ड में निर्विरोध जीत हासिल की है.
कांग्रेस की पहली निर्विरोध जीत
भाजपा प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने से चुनावी मैदान में कांग्रेस को मिली यह पहली निर्विरोध जीत भाजपा के लिए झटका माना जा रहा है. भाजपा नेता इस बार नगर परिषद में बोर्ड बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वार्ड 65 के घटनाक्रम ने पार्टी की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि गुटबाजी और मजबूत स्थानीय कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिलना भाजपा के लिए निकाय चुनाव में नुकसान का कारण बन सकता है. हालांकि, चुनाव के अंतिम परिणाम के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी.
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