Rajasthan: राज्यसभा के नामांकन शुरू, उम्मीदवार घोषित; आखिर कैसे होते हैं राज्यसभा चुनाव? 

राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है. नामांकन 8 जून तक और मतदान 18 जून को होगा. भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और अब जीत के गणित को साधने में पार्टियां जुटी हैं.

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राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों से उम्मीदवार नीरज डांगी, अलका गुर्जर, सतीश पूनिया
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Rajasthan Rajya Sabha elections: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव होने जा रहे हैं. चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसके साथ ही सियासी हलचल भी तेज हो गई हो. राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अधिसूचना के मुताबिक 8 जून तक नामांकन किया जा सकेगा. 18 जून को राज्यसभा के लिए मतदान किया जाएगा. 

प्रदेश में कुल 10 राज्यसभा सांसदों की सीटें हैं. इनमें से 3 राज्यसभा सीटें खाली हो रही है. इनमें से दो भाजपा और एक कांग्रेस के लिए खाली मानी जा रही है. ऐसे में दोनों ही पार्टियां अपने विधायकों को लामबंद करने में जुट गई है. भाजपा ने सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को तो वहीं कांग्रेस ने नीरज डांगी को उम्मीदवार बनाया है.

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कैसे तय होता है बहुमत का आंकड़ा?

राज्यसभा चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा उस राज्य के विधानसभा सदस्यों के आंकड़े के आधार पर तय होता है. इसके लिए एक फार्मूले का इस्तेमाल किया जाता है. बहुमत का आंकड़ा = (कुल विधायक/ राज्यसभा की कुल चुनाव की  सीटें +1) + 1

उदाहरण के लिए, राजस्थान में कुल विधायक 200 है, तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव पर हो रहा है. ऐसे में बहुमत का आंकड़ा, (200/ 3+1) + 1 हुआ, यानी 51 राजस्थान के लिए बहुमत का आंकड़ा है. 

कैसे होती है वोटिंग?

राज्यसभा के लिए वोटिंग की प्रक्रिया सीधी नहीं है. इसके लिए प्रिफरेंस वोटिंग होती है, यानी हर विधायक खड़े हुए उम्मीदवारों को अपनी ओर से वरीयता देता है. हर पार्टी के विधायक अपने-अपने पार्टी के उम्मीदवारों को वरीयता वोट देते हैं. 

क्या राजस्थान में भाजपा जीत सकती है तीनों सीटें? 

राजस्थान विधानसभा में इस वक्त सभी 200 विधायक है. भारतीय जनता पार्टी के पास 118, कांग्रेस के 67, भारत आदिवासी पार्टी के 4, बहुजन समाज पार्टी के 2, राष्ट्रीय लोक दल के 1 और 8 निर्दलीय विधायक है.  ऐसे में भाजपा अपने उम्मीदवारों को कुल 118 वोटर्स के प्रेफरेंस में नंबर 1 पर भर सकते हैं. तीनों सीटों पर जीतने के लिए भाजपा को कुल 153 वोट चाहिए. भाजपा को कांग्रेस और अन्य पार्टियों से 35 वोट चाहिए. 

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कांग्रेस के इतर कुल 15 वोट लेने के बाद भी भाजपा को कांग्रेस के 20 विधायकों के वोट चाहिए होंगे. इसे ही क्रॉस वोटिंग कहा जाता है. हालांकि, फिलहाल इस बात की संभावना कम दिखती है कि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारेगी. लेकिन भाजपा इस सीट पर भी पूरा दांव लगाने के प्रयास में है.

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