Reet Paper Leak Case: राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा (REET) से जुड़े पेपर लीक मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. गिरफ्तार सरकारी शिक्षक राजेन्द्र कुमार यादव से एसओजी की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसकी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2020 और 2021 में संलिप्तता थी. इतना ही नहीं शिक्षक राजेंद्र यादव जगदीश बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है. उसने बिश्नोई गैंग के सहयोग से अपने बेटों को SI और JEN बनवाया था. सरकार राजेन्द्र कुमार यादव को बर्खास्त कर चुकी है.
कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराया
एसओजी की पूछताछ में ये भी सामने आया है कि राजेन्द्र कुमार यादव का नाम उन लोगों में शामिल है, जिन्होंने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2020 और पुलिस भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्रों को लीक कराने में मदद की थी. इसके चलते उन्हें 20 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था. राजस्थान असैनिक सेवाओं के नियमों के तहत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.
परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध करा देते थे
जांच में सामने आया है कि आरोपी शिक्षक, यूनिक भानु उर्फ़ चंद्र चौधरी, शिरसान नोट और अन्य लोगों के साथ मिलकर पेपर लीक रैकेट में शामिल थे. एसओजी के अनुसार ये लोग परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों से मोबाइल फोन पर संपर्क रखते थे, और परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते थे. राजेन्द्र कुमार यादव के खिलाफ 172/2022 सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. न्यायालय में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.
टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक किया था राजेंद्र
राजस्थान में पेपर लीक मामलों की जांच के लिए प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने 20 फरवरी को बड़ा खुलासा किया था. एटीएस और एसओजी के डीआईजी वीके सिंह ने बताया था कि 2020 में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा आयोजित कराई गई कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा (Junior Engineer Recruitment Exam 2020) का पेपर हायर सेकेंडरी स्कूल खातीपुरा के थर्ड ग्रेड टीचर राजेंद्र कुमार यादव ने लीक किया था.
पेपर की फोटो खींचकर वाट्सएप किया था
6 दिसंबर 2020 को भर्ती परीक्षा होनी थी. इससे पहले ही राजेंद्र कुमार यादव अपने एक सहयोगी की मदद से स्कूल के स्टॉग रूम में रखे प्रश्न पत्र के लिफाके में बड़ी ही सफाई से पेपर निकाला, और उसका फोटो खींचकर पटवारी हर्ष को वॉट्सएप पर भेज दिया. इसके बदले में उसने 50 लाख रुपये लिए. काम पूरा होने के बाद यादव ने बड़ी ही सफाई के साथ पेपर को वापस लिफाफे में डालकर उसे अपने स्थान पर रख दिया था.
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