Rajasthan News: राजस्थान में रोडवेज बसें बंद होने जा रही हैं? ये ऐसा सवाल है जो इस वक्त प्रदेश के हर रोडवेज कर्मचारी के जहन में उठ रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण राजस्थान रोडवेज के बद से बदत्तर होते हालात हैं, जिसे आपको हम आंकड़ों से समझाएंगे. वर्तमान में राजस्थान रोडवेज 3659 बसों का संचालन कर रहा है, जिससे करीब 150 करोड़ रुपए का प्रतिमाह राजस्व अर्जित किया जा रहा है. मगर इन बसों के संचालन में 240 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. यानी हर महीने रोडवेज प्रशासन को 90 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
510 नई बसें खरीदेगी सरकार
राज्य सरकार की ओर से हर साल करीब 1000 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान देकर रोडवेज निगम को चलाया जा रहा है, जिससे सरकार को भी आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है. ऐसे हालात में भी दिन प्रतिदिन रोडवेज बसों की संख्या घटती जा रही है, जिससे राजस्व घाटा बढ़ता जा रहा है. जबकि दूसरी ओर प्रदेश में निजी बस संचालन करने वाले ऑपरेटर तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. डिप्टी सीएम व परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा का कहना है कि प्रदेश की भजनलाल सरकार बसों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है. आम जनता को राहत देने के लिए विभाग अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है और जल्द ही 510 नई बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल किया जाएगा.
'बसों की कम संख्या के कारण घाटा'
रोडवेज अधिकारी रवि सोनी ने बताया कि यदि राज्य सरकार रोडवेज बसों की संख्या में बढ़ोतरी करती है तो रोडवेज निगम भी घाटे से उभर कर सरकार को राजस्व दे सकता है. जिस तरह दूसरे राज्यों में बसों की संख्या 8 से 10 हजार तक है, वैसे ही राजस्थान रोडवेज को भी नई बसों की आवश्यकता है. यदि सरकार सहयोग करे तो रोडवेज भी घाटे से उभर सकता है. फिलहाल विभाग में 510 नई बसें शामिल होने जा रही हैं, लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में यह संख्या बेहद कम है. ऐसे में राजस्व घाटा से कुछ हद तक उभरने में मदद तो मिलेगी लेकिन हर महीने होने वाला ये नुकसान प्रोफिट में तब्दील नहीं हो पाएगा. अभी इस दिशा में कई और महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है.
ये भी पढ़ें:- राजस्थान सरकार ने रविंद्र भाटी की बढ़ाई सुरक्षा, चुनाव प्रक्रिया तक रहेगी सिक्योरिटी