Rajastha News: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती परीक्षा में डमी उम्मीदवार बनकर परीक्षा देने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है. एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि लोक सेवा आयोग, अजमेर द्वारा 21 मई 2023 को आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) प्रतियोगी परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा दी थी.
जांच में पता चला कि मूल अभ्यर्थी ने प्रवेश पत्र में छेड़छाड़ कर किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगा दिया था और सुनियोजित तरीके से डमी उम्मीदवार को परीक्षा दिलवाई गई. इस मामले में एसओजी, जयपुर में वर्ष 2024 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. इससे पहले मूल अभ्यर्थी इंद्राज सिंह और उसके सहयोगी परमेश्वर लाल व सलमान खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है.
हरियाणा से पकड़ा गया फरार डमी परीक्षार्थी
अनुसंधान के दौरान फरार चल रहे डमी परीक्षार्थी गुरदीप दास निवासी हिसार (हरियाणा) की गिरफ्तारी के लिए एसओजी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. लगातार प्रयासों के बाद भरतपुर डीएसटी टीम के प्रभारी पुलिस निरीक्षक कुशल कुमार ने आरोपी को हरियाणा से पकड़ लिया. इसके बाद एसओजी ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया.
ब्लूटूथ से मिली बाहरी मदद, पेपर लीक की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गुरदीप दास ने परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से बाहरी सहायता ली थी और मूल अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. हैरानी की बात यह है कि आरोपी के पास कोई इंजीनियरिंग डिग्री नहीं है और वह केवल 12वीं पास है. इसके बावजूद सहायक अभियंता परीक्षा में उसकी सफलता ने पेपर लीक की आशंका को और मजबूत कर दिया है.
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
एसओजी के अनुसार आरोपी गुरदीप दास के खिलाफ कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन हरियाणा और चार राजस्थान में हैं. पहले भी वह विभिन्न परीक्षाओं में डमी उम्मीदवार के रूप में बैठने के मामलों में पकड़ा जा चुका है. अब तक इस मामले में मूल अभ्यर्थी, डमी परीक्षार्थी और दो सहयोगियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में पेपर लीक और ब्लूटूथ नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.