मरीज में एक साथ दो लीवर ट्रांसप्लांट कर चिकित्सकों ने रचा कीर्तिमान, 16 घंटे चला ऑपरेशन

Dual Lever Transplantation: 26 किलो वजनी मरीज के लीवर प्रत्यारोपण के लिए 2 लिवर की जरूरत थी. 1 लीवर मरीज की पत्नी ने दिया, जबकि दूसरा लीवर रोगी की भाभी से मिला. इस ऑपरेशन के लिए दोनों डोनर की बड़ी सर्जरी हुई और गहन चिकित्सा के बाद प्रत्यारोपण सफल रहा. 

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126 किलोग्राम वजनी मरीज इंद्रपाल का सफल लीवर प्रत्यारोपण करने वाले चिकित्सक

Liver Transplantation: महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की लीवर ट्रांसप्लांट टीम को 126 किलो वजनी रोगी में ड्युल लोब लिवर प्रत्यारोपण (Dual Lobe Liver Transplant) में सफलता हासिल हुई है. यानी एक ही व्यक्ति में एक साथ दो लीवर लगाए गए. सोलह घंटे चले दोनों ऑपरेशन को दो दर्जन से स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर सफल बनाया.

दरअसल, 126 किलो वजनी मरीज के लीवर प्रत्यारोपण के लिए 2 लिवर की जरूरत थी. 1 लीवर मरीज की पत्नी ने दिया, जबकि दूसरा लीवर रोगी की भाभी से मिला. इस ऑपरेशन के लिए दोनों डोनर की बड़ी सर्जरी हुई और गहन चिकित्सा के बाद प्रत्यारोपण सफल रहा. 

सेंटर फॉर डाइजेस्टिव साइंसेज के चेयरमैन व लिवर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ नैमिष एन मेहता ने बताया कि लीवर फेलियर की समस्या से जूझ रहे इंद्रपाल का वजन इस प्रत्यारोपण में बड़ी चुनौती थी. 126 किलोग्राम वजन वाले 50 वर्षीय इंद्रपाल के लीवर का आकार भी बड़ा था, इसलिए एक डोनर से मिला लिवर उनके काम नहीं आ सकता था.

महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ विकास चंद्र स्वर्णकार ने बताया कि यह स्वर्णिम सफलता डॉ नैमिष मेहता के कुशल व अनुभवी नेतृत्व से ही मिल सकी. डां नैमिष अब तक 1500 से अधिक सफल लिवर प्रत्यारोपण कर चुके हैं.

चेयरमैन डॉ विकास चंद्र स्वर्णकार ने सफल ड्युल लोब ट्रांसप्लांटेशन के लिए डा. नैमिष मेहता के साथ ही साथ मरीज के परिजनों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि परिजनों के धैर्य व साहस की बदौलत ही डाक्टरों की टीम इतना जोखिम ले पाए. उन्होंने कहा, हमें टीम पर विश्वास था और हम सफल हुए.

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