शिक्षक भर्ती 2025 लेवल-1 में डिलीट किए गए और विवादित सवालों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस समीर जैन की अदालत ने महेंद्र कुमार रैगर व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती में नियुक्तियों पर लगी रोक को दो सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था. इस पर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी.
वकील का तर्क- नियुक्तियां दी तो तीसरे पक्ष का हक होगा
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता राम प्रताप सैनी और अधिवक्ता आनंद शर्मा ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट को बताया कि भर्ती परीक्षा में कुल 14 प्रश्नों को लेकर आपत्ति है. इनमें से 11 प्रश्न बोर्ड ने डिलीट कर दिए, जबकि तीन प्रश्नों के उत्तर बदले गए हैं. कुछ अन्य प्रश्नों के सही उत्तर को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई है. अधिवक्ता ने दलील दी कि सरकार और बोर्ड अब अभ्यर्थियों को नियुक्तियां देने की तैयारी में हैं. अगर नियुक्तियां कर दी गईं तो तीसरे पक्ष का अधिकार बन जाएगा और बाद में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना मुश्किल होगा. इसलिए नियुक्तियों पर रोक जारी रखी जाए.
17 से 20 जनवरी के बीच हुई थी परीक्षा
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 17 से 20 जनवरी के बीच करीब 7 हजार पदों के लिए लेवल-1 भर्ती परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई थीं. आपत्तियों के परीक्षण के बाद बोर्ड ने 11 प्रश्न डिलीट किए और तीन प्रश्नों के उत्तर बदल दिए.
प्रश्न डिलीट होने से कटऑफ पर असर
हाल ही में बोर्ड ने भर्ती का परिणाम भी जारी किया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्न डिलीट होने या उत्तर बदलने से कटऑफ और मेरिट सूची पर सीधा असर पड़ता है. उनका आरोप है कि विभिन्न भर्तियों में प्रश्नों को लेकर इस तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
इन प्रश्नों पर विवाद
भर्ती परीक्षा में पैरालंपिक टोक्यो-2020 में राजस्थान से पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम और राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को किस नियम के तहत स्थापित किया गया है, जैसे सवालों को लेकर भी आपत्तियां सामने आई थीं. ऐसे ही कुल 11 प्रश्न बोर्ड ने डिलीट किए हैं.
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