Rajasthan: आमेर-अचरोल के चक्कर में उलझे चिकित्सा मंत्री खींवसर, टीकाराम जूली के तंज के बाद हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने अपने क्षेत्र आमेर और अचरोल के अस्पतालों में बदहाली का मुद्दा उठाया. इसके जवाब के बाद यह मामला इतना बढ़ा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर 'गलत जवाब' देने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.

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चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
NDTV

Uproar in Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. आमेर विधायक प्रशांत शर्मा के सवाल पर शुरू हुआ यह मामला इतना बढ़ा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर 'गलत जवाब' देने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.

चार आने का सवाल, बारह आने का जवाब: मंत्री की चुटकी

कार्यवाही के दौरान आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने अपने क्षेत्र के अस्पतालों में बदहाली का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आमेर में 10 साल पुरानी खराब एक्सरे मशीनें हैं और सोनोग्राफी की सुविधा तक नहीं है. उन्होंने पूछा कि नई मशीनें और डॉक्टरों की सैलरी मैपिंग का काम कब तक पूरा होगा?

इस पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने व्यंग्य कसते हुए कहा कि विधायक ने मूल प्रश्न तो चार आने का पूछा था, लेकिन अब पूरक प्रश्न बारह आने के पूछ रहे हैं हालांकि, बाद में मंत्री ने विभाग का पूरा ब्यौरा सदन की मेज पर रखा.

अचरोल सैटेलाइट अस्पताल पर फंसा पेंच

असली विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक ने अचरोल में सैटेलाइट अस्पताल के लिए आवंटित 10 हजार वर्ग मीटर जमीन के स्थानांतरण पर सवाल किया. मंत्री खींवसर ने जवाब में कहा कि वर्तमान अस्पताल एक हेरिटेज बिल्डिंग में चल रहा है, जिसे शिफ्ट करने के लिए JDA को पत्र लिखा गया है.इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली तुरंत अपनी सीट पर खड़े हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल 'अचरोल' का पूछा गया है, लेकिन मंत्री जी जवाब 'आमेर' का दे रहे हैं.

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मंत्री जी को अंतर समझाना पड़ता है- जूली

सदन में तीखी नोकझोंक तब हुई जब मंत्री खींवसर ने जूली से कहा कि नेता प्रतिपक्ष महोदय, आप बार-बार बीच में खड़े होकर टोकते हैं, इससे आपके ही सदस्यों का समय खराब होता है. जवाब में टीकाराम जूली ने पलटवार करते हुए कहा कि दिक्कत यह है कि चिकित्सा मंत्री को आमेर और अचरोल के बीच का अंतर ही समझ नहीं आ रहा. उन्हें यह फर्क समझाने के लिए ही मुझे बार-बार खड़ा होना पड़ता है.

नारेबाजी और सदन से वॉकआउट

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चिकित्सा विभाग की ओर से न तो मशीनों की उपलब्धता पर स्पष्ट जवाब आया और न ही सैटेलाइट अस्पताल पर.सरकार को घेरते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और जवाब को असंतोषजनक बताते हुए सदन से वॉकआउट कर बाहर चले गए.

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