अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर में रविवार को उस समय जनजीवन प्रभावित हो गया जब राजपूत समाज ने 20 दिन पहले हुए एक जानलेवा हमले के विरोध में बंद का आह्वान किया. शहर में बंद का व्यापक असर देखा गया और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाजार पूरी तरह से बंद रहे.
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
यह बंद उस घटना के विरोध में आयोजित किया गया जिसमें किशनगढ़ के मझेला रोड निवासी मनोहर सिंह और उनके परिवार पर कुछ लोगों ने हमला किया था. समाज का आरोप है कि हमले को लेकर अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इसी को लेकर राजपूत समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन पर ढिलाई बरतने के आरोप लगाए जा रहे हैं.
सुबह से शहर के प्रमुख बाजार बंद
सुबह से ही शहर के प्रमुख बाज़ार बंद रहे. मुख्य चौराहों से लेकर गली–मोहल्लों तक दुकानों के ताले जड़े नज़र आए. बंद का असर इतना व्यापक रहा कि सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले बेहद कम आवाजाही दिखी. अग्रसेन सर्किल से बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित होकर मुख्य चौराहे तक पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई.
पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट
इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नज़र आया. बंद के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. किशनगढ़ सिटी सीओ अजय सिंह राठौड़, मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह, गांधीनगर थाना प्रभारी संजय शर्मा और शहर थाना प्रभारी भीखाराम काला लगातार फील्ड में मौजूद रहे और स्थिति पर नज़र बनाए रखी.
राजपूत समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के दायरे में रहकर हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
किशनगढ़ से सनी उमरिया की रिपोर्ट.
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