'डोटासरा के परिवार ने RAS इंटरव्यू में बढ़वाए नंबर', किरोड़ी लाल ने फोड़ा चिट्ठी 'बम'

राजस्थान में आरएएस भर्ती परीक्षाओं पर गंभीर संकट के बादल छा गए हैं. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा और उनके परिजनों पर धांधली और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं.

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कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा

Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में आरएएस भर्ती परीक्षा 2016 और 2018 को लेकर एक बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके परिजनों पर चयन प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है. मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कराने और गहन जांच की मांग की है.

इंटरव्यू के अंकों पर उठे सवाल

शिकायत के मुख्य केंद्र में डोटासरा के पुत्र अविनाश सिंह का चयन है. आरोप है कि मुख्य परीक्षा में 343 अंक पाने वाले अविनाश को साक्षात्कार में 85 अंक देकर अकाउंट्स सर्विस में सिलेक्ट कराया गया. वहीं दूसरी तरफ गरिमा जिंदल ने मुख्य परीक्षा में सर्वाधिक 425 अंक प्राप्त किए थे, लेकिन उन्हें साक्षात्कार में महज 25 अंक देकर चयन से बाहर कर दिया गया. यह विसंगति भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है.

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ओबीसी आरक्षण और क्रीमीलेयर का उल्लंघन

आरोप है कि अविनाश का ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनवाया गया. इसके अलावा डोटासरा के समधी और पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पूनिया के परिवार पर भी क्रीमीलेयर नियमों को ताक पर रखने के गंभीर आरोप हैं. दावा है कि रमेश चंद्र पूनिया निर्धारित समय सीमा से पहले ही प्रधानाध्यापक बन गए थे, जिस कारण उनकी संतानें ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आतीं. बावजूद इसके पूनिया की पुत्री प्रतिभा पूनिया का आरएएस 2016 में, तथा आरएएस 2018 में पुत्र गौरव पूनिया और पुत्री प्रभा पूनिया का चयन आरक्षण के लाभ से हुआ.

दबाव और जांच की मांग

शिकायत में पूर्व आरपीएससी सदस्यों बाबूलाल कटारा और रामूराम रायका के बयानों का जिक्र करते हुए यह कहा गया है कि साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिलाने के लिए दबाव डाला गया था. इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 316(4), 338 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग की है.

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