Red Bull Speedster Challenge: 16 शहरों से 3 युवा बने राजस्थान रॉयल्स के नेट बॉलर, IPL का रास्ता हुआ आसान

रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज के जरिए जयपुर से 3 युवा तेज गेंदबाजों का चयन हुआ है. अब सोहेल खान, अजय तोमर और पी.एम. संतोष राजस्थान रॉयल्स के कैंप में दिग्गज बल्लेबाजों को प्रैक्टिस कराएंगे।

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Red Bull Speedster Challenge
NDTV

Red Bull Speedster Challenge: राजस्थान क्रिकेट अकादमी (RCA) के मैदान से आईपीएल की चकाचौंध भरी दुनिया तक का सफर अब तीन युवा तेज गेंदबाजों के लिए हकीकत बनने जा रहा है. 'रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज' के जरिए चुने गए तीन युवाओं को आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ एक महीने तक नेट बॉलिंग करने का सुनहरा मौका मिला है.

क्या है रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज?

रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज एक टैलेंट हंट कार्यक्रम है, जिसमें देश के 16 शहरों से तेज गेंदबाज़ों को मौका दिया जाता है. इस प्रक्रिया के बाद 10 फाइनलिस्ट चुने जाते हैं और अंत में उनमें से 3 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया जाता है.साल 2020 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत में छिपी हुई 'रॉ पेस' (Raw Pace) को खोजना है. 

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इनका चयन अनुभवी पेशेवरों खिलाड़ियों के जरिए किया गया है, जिनमें भारत के पूर्व खिलाड़ी पंकज सिंह और न्यूज़ीलैंड के रफ्तार का सौदागर व राजस्थान रॉयल्स के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड शामिल रहें.

हर किसी की सफलता पाने की कहानी अलग होती है.इन तीनों ने भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर समस्या और रुकावट को पार किया और आज वे अपने सपनों को पूरा करने से बस कुछ ही कदम दूर हैं.

इन 3 सितारों की चमकी किस्मत

इस साल जयपुर में आयोजित रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज  में जिन तीन खिलाड़ियों ने जगह बनाई है, जिनमें  पी. एम. संतोष, सोहेल खान, अजय तोमर
साधारण परिवारों से आने वाले इन खिलाड़ियों को अब राजस्थान रॉयल्स टीम के  खिलाड़ियों के साथ एक महीना  नेट बॉलिंग करने का मौका मिलेगा.

10वीं से शुरू किया क्रिकेट, अब IPL के करीब

 मेघालय में बीएसएफ में तैनात पिता के बेटे संतोष ने 10वीं कक्षा से क्रिकेट खेलना शुरू किया था. वे शेन बॉन्ड के मार्गदर्शन में अपनी स्किल्स सुधारकर टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनने का सपना देख रहे हैं.

ट्रक ड्राइवर के बेटे का सपना वैभव सूर्यवंशी के साथ है खेलना

यूपी के प्रतापगढ़ जिले से आने वाले सोहेल खान एक ट्रक ड्राइवर के बेटे है जिनकी कहानी संघर्षों से भरी है. मामा ने उनके हुनर को पहचानकर सूरत में  ट्रेनिंग लेने वाले सोहेल उस वक्त गदगद हो गए जब शेन बॉन्ड ने उनकी गेंद देख 'बहुत बढ़िया' कहा. सोहेल अब वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारों को गेंदबाजी करने के लिए उत्साहित हैं.हर खिलाड़ी का सपना टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनना होता है-अगर भगवान ने साथ दिया, तो मैं वहां तक भी पहुंचूंगा.

मेहनत और जुनून से पाया सपना

20 वर्षीय अजय तोमर के पिता कांच के कारीगर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण है.इसके बावजूद अजय ने अपनी मेहनत और जुनून से इस मुकाम को हासिल किया और अब वे इस मौके को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

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IPL तक का रास्ता खोल सकता है यह मंच

रेड बुल स्पीडस्टर चैलेंज पहले भी कई खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच साबित हो चुका है. अशोक शर्मा और नमन तिवारी जैसे खिलाड़ी इसी टैलेंट हंट के जरिए आईपीएल में अपनी जगह बना चुके हैं.अगर चयनित खिलाड़ी यहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके लिए आईपीएल खेलने का रास्ता भी खुल सकता है.

इसे लेकर राजस्थान रॉयल्स के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड ने कहा कि यह मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सीधा मौका देता है. अशोक शर्मा और नमन तिवारी जैसे खिलाड़ी इसी प्रक्रिया के जरिए आईपीएल तक पहुंचे हैं. अगर ये लड़के नेट्स में प्रभावित करते हैं, तो इनके लिए मुख्य टीम के दरवाजे खुल सकते हैं."

बेहतरीन ट्रेनिंग और प्रोफेशनल माहौल

इस कार्यक्रम के तहत खिलाड़ियों को मिलती हैं को विश्व-स्तरीय ट्रेनिंग सुविधाएं दी जाती है, जिससे वह अपने खेल को प्रोफेशनल कोचिंग और अनुभवी कोच के मार्गदर्शन ले सके.इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस गति, कौशल, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर होता है जो आधुनिक क्रिकेट में सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं.

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