Rajasthan News: नागौर जिले के रियां बड़ी उपखंड मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की ओर से कल 03 जनवरी को सुबह 10 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. यह आंदोलन किसानों और ग्रामीणों के हितों को लेकर किया जा रहा है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पूर्व में रियां बड़ी में हुई जन आक्रोश रैली के दौरान जिन मुद्दों और मांगों से प्रशासन को अवगत कराया गया था, उन पर अब तक कोई ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है. इसी कारण पार्टी को पुनः जन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि कल से शुरू होने वाला यह धरना धीरे-धीरे व्यापक रूप लेगा और आगामी दिनों में वे स्वयं भी धरने में शामिल होंगे.
ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि रियां उपखंड सहित प्रदेश भर में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े कई नेता, कुछ ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से वैध बजरी की आड़ में अवैध बजरी का कारोबार चल रहा है. बजरी माफियाओं ने नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है. पुलिस और प्रशासन की सांठगांठ से रात भर अवैध बजरी परिवहन होता है, जिससे पर्यावरण के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है.
पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन
बेनीवाल ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और बजरी के दाम आसमान छू रहे हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि आम आदमी के लिए घर बनाना तो दूर, घर की मरम्मत कराना भी मुश्किल हो गया है. बजरी के इस पूरे खेल में संस्थागत भ्रष्टाचार शामिल है. सांसद ने यह भी कहा कि आरएलपी पूर्व में भी बजरी माफियाओं के खिलाफ आंदोलन कर चुकी है और अब एक बार फिर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत रियां बड़ी से होगी.
हनुमान बेनीवाल ने यह भी बताया कि मेड़ता पुष्कर तथा मेड़ता रास रेलवे लाइन परियोजना में अवाप्त की जा रही भूमि के बदले किसानों को बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है और सर्वे में भी भारी गड़बड़ियां की जा रही हैं. इन्हीं जनहित के मुद्दों को लेकर इस धरने की शुरुआत की जा रही है.
इस धरने में बजरी माफियाओं की मनमानी और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की मांग. रेलवे लाइनों के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि के गलत सर्वे और कम मुआवजे से प्रभावित किसानों को उनका पूरा हक दिलाने की मांग. मेड़ता क्षेत्र में अतिवृष्टि से प्रभावित गांवों को आपदा की श्रेणी में शामिल करवाने की मांग. विद्युत की हाई टेंशन लाइन के कार्य से प्रभावित किसानों को उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिलाने की मांग.धनापा और पुंदलू क्षेत्र में भाजपा नेताओं के इशारे पर गौचर भूमि की किस्म बदलने से जुड़े प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग शामिल है.
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