राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में आग लगे हुए आज 4 दिन बीत चुके हैं. पर राजस्थान रिफाइनरी पर सियासी घमासान अब भी जारी है. एक यूनिट में आग लगने के बाद पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. पीएम मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे. फिलहाल रिफाइनरी में आग की घटना की जांच चल रही है. रिफाइनरी में आग से कितना नुकसान हुआ है. रिफाइनरी की जिस यूनिट में आग लगी है, वहां पर कौन-कौन से उपकरण प्रभावित हुए और दोबारा यूनिट कब शुरू हो पाएगी. इसको लेकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने बड़ा अपडेट दिया है.
कहां तक आग ने किया नुकसान?
HPCL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आग के नुकसान और यूनिट फिर से शुरू हो पाने के बारे में जानकारी दी है. शनिवार को HPCL ने बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को हुई आग की घटना के बारे में बताया कि घटना के बाद विस्तृत जांच से प्रारंभिक आकलन की पुष्टि हुई है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी, जिससे केवल 6 एक्सचेंजर और उनसे संबंधित सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं.
रिफाइनरी में कैसे हुआ गैस रिसाव?
जानकारी दी गई कि आग का कारण वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से रिसाव होने की आशंका है. रिस्टोरेशन कार्य प्रगति पर है और इसके अगले 3-4 सप्ताह में पूर्ण होने की संभावना है. सीडीयू को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में दोबारा शुरू किए जाने की अपेक्षा है.
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड पर अपडेट
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) April 25, 2026
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संयुक्त उद्यम कंपनी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में 20 अप्रैल, 2026 को हुई दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना के संदर्भ में।
घटना के पश्चात… pic.twitter.com/xEu13fKrY7
कब शुरू होगी यूनिट
HPCL ने आगे कहा कि अन्य सहायक इकाइयाँ योजना के अनुसार पहले से ही कमीशनिंग के उन्नत चरण में हैं. यह अपेक्षा की जा रही है कि मुख्य उत्पादों (LPG/MS/HSD/Naphtha) का परीक्षणात्मक उत्पादन मई 2026 में प्रारंभ हो जाएगा और इसके बाद इकाइयों को स्थिर/ कमीशन किया जाएगा.
बता दें कि बालोतरा जिले के पचपदरा में बनकर तैयार हुई राजस्थान रिफाइनरी को राजस्थान की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है. लगभग 79,459 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनी लगभग 79,459 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनी यह रिफाइनरी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक है. जिसमें 74 फीसदी इक्विटी HPCL के पास और 26 फीसदी इक्विटी राजस्थान सरकार के पास होना तय हुआ था. शुरुआत में 37,000 करोड़ की लागत वाली इस रिफाइनरी का साल 2013 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शिलान्यास किया था.