सहानुभूति वोट के सहारे जीते रूपिंदर सिंह कुन्नर, बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र पाल टीटी की करारी हार

रूपिंदर सिंह कुन्नर की जीत में उनके पिता के निधन से खाली हुई श्रीकरणपुर सीट में हुई सहानुभूति की भूमिका बड़ी रही. श्रीकरणपुर सीट पर  भाजपा प्रत्याशी की करारी हार नए सीएम भजनलाल शर्मा के लिए धक्का कहा जा सकता है. 

विज्ञापन
Read Time: 8 mins
रूपिंदर सिंह कुन्नर (फाइल फोटो)

Srikaranpur Assembly Seat: श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर विधासभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी और राजस्थान मंत्रिमंडल में शामिल सुरेंद्रपाल टीटी चुनाव हार गए हैं. कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कुन्नर ने भाजपा प्रत्याशी को 11,261 मतों से हराया. कुन्नर दूसरे राउंड बढ़त बनाने के बाद दोबारा नहीं पिछले, और 18 राउंड में  जीत दर्ज कर ली. 

रूपिंदर सिंह कुन्नर की जीत में उनके पिता के निधन से खाली हुई श्रीकरणपुर सीट में हुई सहानुभूति की भूमिका बड़ी रही. श्रीकरणपुर सीट पर  भाजपा प्रत्याशी की करारी हार नए सीएम भजनलाल शर्मा के लिए धक्का कहा जा सकता है. 

श्रीकरणपुर सीट में चुनाव से पूर्व दिए एक बयान में रूपिंदर सिंह कुन्नर ने खुद स्वीकार किया था कि श्रीकरणपुर की जनता उन्हें वोट उनके पिता गुरमीत सिंह कुन्नर के नाम पर देगी और करणपुर की जनता ने रूपिंदर सिंह कुन्नर के दावे पर मुहर लगाते हुए उन्हें सत्तासीन सरकार के खिलाफ जाकर एक बड़ी जीत दर्ज करने में मदद की. 

 राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले श्रीकरणपुर विधायक गुरमीत सिंह की मौत हो गई थी, जिसके बाद चुनाव आयोग ने चुनाव रद्द कर दिया. गत 5 जनवरी को श्रीकरणपुर सीट पर दोबारा मतदान कराया और करीब 82 फीसदी वोटिंग हुई. भाजपा और कांग्रेस दोनों जीत दावा कर रहे थे, लेकिन बीजेपी की रणनीति उल्टी पड़ गई. 

दरअसल, बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कुन्नर को हराने के लिए बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया ताकि बीजेपी रूपिंदर सिंह कुन्नर को सहानुभूति वोट को काटा जा सके, लेकिन कुन्नर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे और बीजेपी प्रत्याशी सुरेंद्र पाल टीटी को करारी हार का सामना करना पड़ा.

बीजेपी आलाकमान ने कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कुन्नर को मिलने वाले सहानुभूमि वोटों की काट के लिए जानबूझकर सुरेंद्र पाल टीटी को उनके विधायक बनने से पहले को मंत्रिमंडल शामिल किया था, जबकि बीजेपी के इस कदम का कांग्रेस ने विरोध दर्ज किया था और चुनाव आयोग में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला देते हुए शिकायत भी की थी.

हालांकि श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने  बीजेपी विधायक को वोट नहीं दिया, जिससे राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीतकर सत्ता में पहुंची भाजपा को फजीहत का सामना करना पड़ा. इस हार से ऱाजस्थान के नवनियुक्त सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठने शुरू हो जाएंगे, जिन्हें अपनी पहली परीक्षा में हार का सामना करना पड़ा है. 

Advertisement

उल्लेखनीय है प्रदेश में सरकार बनने के बाद यह उम्मीद की जाती है कि उपचुनाव में जनता सत्तासीन पार्टी को ही वोट करती है, लेकिन सहानुभूति वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कुन्नर ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर भाजपा को झटका दिया है. अब सवाल है कि मंत्री बनाए गए सुरेंद्र पाल टीटी का क्या होगा?

ये भी पढ़ें-LIVE: श्रीकरणपुर चुनाव का फाइनल नतीजा आया, 11261 वोटों से जीते कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कुन्रर