सचिन पायलट ने क्यों कहा 'भावनात्मक मुद्दों की आढ़ में राजनीतिक वोट लेना बीजेपी की परंपरा है'

सचिन पायलट ने राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस के स्टेमेंट और खुद के स्टेटमेंट को साफ किया है. जबकि बीजेपी को धर्म की राजनीतिक के लिए घेरा है.

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट.

Sachin Pilot: राजस्थान के कांग्रेस विधायक सचिन पायलट को पार्टी में नई जिम्मेदारी मिली है. सचिन पायलट को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर छत्तीसगढ़ की कमान सौंपी गई है. इस वजह से वह छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. हालांकि, जब वह छत्तीसगढ़ पहुंचे तो उनसे मीडिया ने कांग्रेस के उस फैसले पर सवाल किया जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस अधूरे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठान में शामिल नहीं होगी. हालांकि, इस पर सचिन पायलट ने 10 जनवरी को पहले ही कहा था कि उन्हें जब भी राम मंदिर जाने का मन होगा वह जाएंगे. उसे किसी के भी न्योते की जरूरत नहीं है. वहीं, छत्तीसगढ़ में सचिन पायलट ने गुरुवार को एक बार फिर राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस के विचार साफ किये हैं. जबकि सचिन पायलट बीजेपी को राम मंदिर की राजनीतिक के लिए घेरा.

सचिन पायलट ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

सचिन पायलट ने छत्तीसगढ़ में कहा है कि राम मंदिर को लेकर कांग्रेस ने स्पष्ट स्टेटमेंट कह दिया है. लेकिन मेरा कहना है कि राजनीति और धर्म को अलग-अलग रखना चाहिए. ये बात भी सही है कि अगर धर्म की आढ़ में राजनीति हो रही है तो उसे कोई स्वीकार नहीं करेगा. कांग्रेस चर्चा करना चाहती है मुद्दों पर जनता के मुद्दों के ऊपर, विकास के, आर्थिक उद्योग, निवेश, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार पर. लेकिन बीजेपी इन शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर बात करना नहीं चाहती है. बीजेपी केवल भावनात्मक मुद्दों की आड़ में राजनीतिक वोट लेना उनकी परंपरा रही है.

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सचिन पायलट ने कहा, जहां तक मंदिर में जाने का सवाल है ये आस्था का विषय है. कोई कभी भी मंदिर जा सकता है. मुझे कब तिरुपति जाना है कब वैष्णो देवी जाना है, कब अयोध्या जाना है यह मेरे मन की बात है. जब मेरा मन करेगा मैं जाऊंगा. लेकिन इस प्रकार की राजनीति हो रही है यह गलत है.

आपको बता दें, आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठान आयोजन किया जा रहा है. इस आयोजन को वैसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजि किया जा रहा है. लेकिन इस आयोजन में बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ता, नेता, विधायक, सांसद सभी जोर शोर से इसमें हिस्सा ले रहे हैं. 

वहीं, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठान के आयोजन में जब कांग्रेस को न्योता भेजा गया तो इस पर कांग्रेस की ओर से शामिल होने से इनकार किया गया है. कांग्रेस का कहना है कि राम मंदिर के जरिए बीजेपी राजनीति कर रही है और धर्म में जब राजनीति जोड़ी जाएगी तो वहां हम शामिल नहीं होंगे. इसलिए कांग्रेस अधूरे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठान में शामिल नहीं होगी.

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