Rajasthan Politics: राजस्थान के बाड़मेर-बालोतरा जिले के सीमांकन फैसले के खिलाफ पिछले 12 दिनों से धरना चल रहा है. वहीं बुधवार (14 जनवरी) को चल रहे धरने को और तेज करते हुए धोरीमना कस्बे में कांग्रेस ने विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया. इस रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सांसद उमेद राम बेनीवाल, विधायक हरीश चौधरी सहित प्रदेश भर के दर्जनों कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया.
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में हजारों की भीड़ सड़कों पर उतरी और राज्य सरकार से इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की. नेताओं ने संबोधन में BJP सरकार पर तीखा हमला बोला.
जीत के लिए नियम विरुद्ध वार्डो का गठन
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पंचायती राज व नगर निकाय पुनर्गठन में भी गड़बड़ी कर नियम विरुद्ध वार्डो का गठन किया. बाड़मेर बालोतरा जिलों की सीमा में बदलाव कर वह चुनाव जीतना चाह रहे हैं तो भाजपा की भूल है. आने वाले दिनों में पंचायती राज व नगर निकाय चुनाव में यहां की जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी.
कांग्रेस सरकार आएगी तो बदल देगी फैसला
इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने हेमाराम चौधरी से भी आग्रह किया भाजपा सरकार तानाशाही पर उतरी हुई है, इसलिए इस धरने को गुड़ामालानी की जनता के साथ बैठकर यहीं समाप्त कर देना चाहिए. 2028 में कांग्रेस की सरकार आने पर वापस इस फैसले को बदलकर धोरीमना व गुड़ामालानी मालानी को वापस बाड़मेर में शामिल कर दिया जाएगा.
इसके बाद कांग्रेसी नेताओं ने हजारों लोगों के साथ धोरीमना कस्बे में पैदल मार्च निकालकर उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर सरकार द्वारा जिलों की सीमांकन की फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग रखी. जन आक्रोश रैली के दौरान कानून व्यवस्था के मद्देनजर नेशनल हाईवे 68 पर पूरा यातायात डायवर्ट रहा. वहीं चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी निगाह रही. जन आक्रोश रैली में विधायक समरजीत सिंह,रतन देवासी,पूर्व मंत्री साले मोहम्मद पूर्व विधायक रूपाराम मेघवाल पदमाराम मेघवाल राजस्थान विश्वविद्यालय पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित संभाग भर के नेता उपस्थित रहे.
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