कांग्रेस में गुटबाजी नहीं होती तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री होते: सतीश पूनिया

सचिन पायलट पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता सतीश पूनिया ने कहा सचिन पायलट राजनीतिक रूप में परिपक्व है, लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी है और अगर गुटबाजी नहीं होती तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री होते, लेकिन मुझे लगता है कि पायलट हाजमा बहुत बढ़िया है

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बीजेपी परिवर्तन संकल्प यात्रा में मीडिया से बात करते बीजेपी नेता सतीश पूनिया

जिले के आसींद पहुंची भाजपा की परिवर्तन संकल्प यात्रा में उपनेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सीएम घोषणावीर बने हुए हैं, रेवड़िया बांट रहे हैं. इस दौरान उन्होंने सचिन पायलट पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा सचिन पायलट राजनीतिक रूप में परिपक्व है, लेकिन कांग्रेस में गुटबाजी है और अगर गुटबाजी नहीं होती तो सचिन पायलट मुख्यमंत्री होते, लेकिन मुझे लगता है कि पायलट हाजमा बहुत बढ़िया है. 

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पहली सरकार है जो 52 दिन तक बाड़े में बंद रही

भाजपा की परिवर्तन संकल्प यात्रा मंगलवार देर शाम आसींद पहुंची, जहां जनसभा के बाद सतीश पूनिया प्रेस से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के बाद उस समय सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने के नारे लगे थे. इस दौरान मंत्रिमंडल पर झगड़ा, सचिवालय में कमरों पर झगड़ा और ऐतिहासिक बाड़े बंदी भी इस सरकार में हुई है. हिंदुस्तान की यह पहली ऐसी सरकार है जो 52 दिन तक बाडे में बंद रही. 

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सचिन पायलट के दिल का आलम सब जानते हैं-पूनिया

सचिन पायलट पर पलटवार करते हुए पूनिया ने कहा, मुझे लगता है कि सचिन पायलट राजनीतिक रूप से परिपक्व है, लेकिन उनके दिल का आलम सब जानते हैं. मेरे अच्छे मित्र भी है सचिन पायलट ने अपना दर्द बयां किया है, लेकिन अगर कांग्रेस में गुटबाजी नहीं होता, तो जिस कुर्सी के सचिन पायलट हकदार थे, वहां वे काबिज होते. सचिन पायलट ने यह बयान दिया है तो आप समझिए कि व्यक्ति का हाजमा कितना भारी है. हाल में पायलट ने कांग्रेस में गुटबाजी से इंकार किया था.

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2018 में किए वादे मुख्यमंत्री 2019 में पूरा कर देते

वहीं, प्रदेश में अपराध को लेकर भी पूनिया ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के कारण ही सांगोद विधायक भरत सिंह कुंदनपुर द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बयान दिए और कुंदनपुर ने गृहमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. राजस्थान में सरकार ने जो वायदे किए हैं,उसको लेकर यहां की जनता सरकार पर भरोसा नहीं कर रही है. 2018 में कुछ वादे या घोषणा को 2019 में पूरा कर देते, लेकिन सरकार ने वो भी नहीं पूरे किए. 

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भीलवाड़ा में खरगे ने जोर लगाया पर भीड़ नहीं जुटी

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भीलवाड़ा आए थे, लेकिन सरकार ने काफी जोर लगाया, फिर भी भीड़ नहीं आई थी,क्योकि तुष्टीकरण के कारण कांग्रेस के चेहरे से नकाब उतर गया है. कांग्रेस कह रही है कि परिवर्तन संकल्प यात्रा में भीड़ नहीं जुट रही है, इस पर पूनिया ने कहा, मैंने चौथे क्रमांक की यात्रा गोगा मेडी से शुरुआत की, वह क्षेत्र किसान आंदोलन से प्रभावित क्षेत्र है, जहां काफी भीड़ रही, मैंने उस भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया.

पार्टी की खूबियों के कारण लोग जुड़ रहे हैं

ज्योति मिर्धा ने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का दामन थामने के सवाल पर पूनिया ने कहा, हमारे साथ पार्टी की खूबियों के कारण लोग जुड़ रहे हैं, हम राष्ट्रवाद के एजेंडे पर काम करते हैं. कांग्रेस की नीति ओर उसमें सच्चाई होती तो उस पार्टी को कोई राजनेता नहीं छोड़ना चाहता. हमने हमारे विचार को स्वीकार करने वाले राजनेता का स्वागत किया है, जो हमारे विचार को मानते हैं यही हमारी सफलता है, इसलिए दूसरे दलों के राजनेता एक इच्छा के साथ भाजपा के साथ जुड़ते हैं.

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