रणथंभौर में भ्रष्टाचार, पीएम मोदी से की गई 16 बाघों के लापता होने और अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत

राजस्थान में सवाईमाधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क से 16 बाघों के लापता होने की खबर ने सबको चौंका दिया है.

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टाइगर कि तस्वीर.

Rajasthan News: राजस्थान में सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क से 16 बाघों के लापता होने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है. सामाजिक संगठन भूप्रेमी परिवार ने इस मामले में भ्रष्टाचार और वन अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. संगठन ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वन मंत्री को 10 सूत्री मांग पत्र भेजकर सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

सीबीआई जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

भूप्रेमी संगठन ने मांग की है कि बाघों के गायब होने और वन अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच के लिए सीबीआई, वन्यजीव विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की स्वतंत्र समिति बनाई जाए. दोषी अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972, भारतीय वन अधिनियम 1927 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत सख्त कार्रवाई हो.

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आधुनिक तकनीक से निगरानी का सुझाव

संगठन ने रणथंभौर में ड्रोन, सैटेलाइट ट्रैकिंग और आधुनिक कैमरों से निगरानी मजबूत करने की मांग की है. इसकी देखरेख स्वतंत्र प्राधिकरण को सौंपी जाए. साथ ही बाघ संरक्षण के लिए दी गई निधि का पारदर्शी ऑडिट हो ताकि भ्रष्टाचार रोका जा सके.

स्थानीय लोगों को जोड़ने की अपील

बाघ संरक्षण में स्थानीय ग्रामीणों को प्रशिक्षण और रोजगार देकर उनकी भागीदारी बढ़ाने की मांग की गई है. इससे न केवल संरक्षण को बल मिलेगा बल्कि ग्रामीणों का जीवन स्तर भी सुधरेगा. जांच की प्रगति और निष्कर्ष जनता के साथ साझा किए जाएं.

अवैध गतिविधियों पर रोक और सुरक्षा के इंतजाम

संगठन ने वन अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाले अवैध कब्जे, खनन और वसूली पर रोक लगाने की मांग की है. रणथंभौर दुर्ग और त्रिनेत्र गणेश मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुरक्षा और सड़क सुधार की जरूरत बताई गई है. पर्यटकों और वाहनों पर सख्त नियम लागू कर बाघों के जीवन में दखल रोकने की अपील की गई है.

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