विधानसभा सत्र का दूसरा दिन आज, बाकी 8 विधायक लेंगे शपथ, वासुदेव देवनानी बन सकते हैं निर्विरोध स्पीकर

Rajasthan Assembly Session: राजस्थान की 16 वीं विधानसभा के दो दिवसीय सत्र का आज आखिरी दिन है. गुरूवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होगा, भाजपा ने वासुदेव देवनानी को उम्मीदवार बनाया है. विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने की संभावना है.

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राजस्थान विधानसभा (फाइल फोटो)

Rajasthan News: राजस्थान में 16वीं विधानसभा का सत्र बुधवार से शुरू हुआ, इस सत्र में सभी 199 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी. प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सर्राफ ने बुधवार को 190 विधायकों को शपथ दिलाई आज बचे हुए 8 विधायक शपथ लेंगे.आज ही विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होगा,.

16 वीं विधानसभा के दो दिवसीय सत्र का आज आखिरी दिन है. विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने की संभावना है.भाजपा ने वासुदेव देवनानी को उम्मीदवार बनाया है.

इस बार विधानसभा चुनाव में चुनकर आए नए-नवेले 72 विधायक पहली बार शपथ लिया, इनमें बीजेपी के 46, कांग्रेस के 19 अन्य 7 विधायक निर्दलीय हैं. सीएम भजनलाल शर्मा भी पहली बार के विधायक हैं. वे जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक हैं.16वीं विधानसभा में इस बार 20 महिलाएं जीत कर आईं हैं, जिसमें बीजेपी और कांग्रेस की 9-9 तो दो निर्दलीय महिला विधायक हैं. वहीं, बाड़मेर के शिव सीट से 26 वर्षीय विधायक रविन्द्र भाटी सबसे कम उम्र के विधायक हैं.

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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की 200 सीटों में से 199 सीट पर 25 नवंबर को मतदान हुआ. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 115 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को 69 सीट मिलीं.

मारवाड़ी में शपथ लेने पर रोका 

विधानसभा सत्र के पहले दिन कोलायत से निर्वाचित अंशुमान सिंह भाटी ने मारवाड़ी भाषा में विधायक पद की शपथ लेना शुरू किया तो प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सर्राफ ने उन्हें रोका. स्पीकर ने कहा कि,आप मारवाड़ी भाषा में शपथ नहीं ले सकते क्योंकि मारवाड़ी भाषा संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि, आप उन्हीं भाषाओँ में शपथ ले सकते हैं जो संविधान की 8वीं में शामिल हैं. उसके बाद अंशुमान सिंह ने दोबारा हिंदी भाषा में शपथ ली.

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कई विधायकों ने ली संस्कृत में शपथ 

कई विधायकों ने संस्कृत भाषा में भी शपथ ली, जिसमें यूनुस खान, महंत प्रतापपुरी,  गोपाल शर्मा, पब्बाराम बिश्नोई, वासुदेव देवनानी, उदयलाल भडाना, नौक्षम चौधरी, बाल मुकुंद आचार्य, बाबू सिंह राठौड़, छगन सिंह राजपुरोहित, जोगेश्वर गर्ग, कैलाश चंद्र मीणा, जेठानंद व्यास, जोराराम कुमावत, दीप्ति किरण माहेश्वरी शामिल हैं.

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