राजस्थान में वार्ड परिसीमन में सामने आई गंभीर खामियां, एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग वार्डों में

ग्रामीणों का आरोप है कि परिसीमन न तो भौगोलिक रूप से सही है और न ही व्यवहारिक. वार्डों का जो नजरी नक्शा तैयार किया गया है, वह पूरी तरह गलत है.

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अलग-अलग वार्ड में एक ही परिवार

Rajasthan Ward Delimitation: राजस्थान में हाल में वार्ड परिसीमन का काम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट जारी की गई है. वैसे तो परिसीमन को लेकर काफी विवाद है और इसका विरोध भी हो रहा है. लेकिन परिसीमन में एक गंभीर खामियां सामने आई है. पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनावों से पहले किए जा रहे वार्ड परिसीमन में एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग वार्डों में शामिल किए जाने से परिसीमन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

ताजा मामला झुंझुनूं जिले के माखर ग्राम पंचायत से सामने आया है, जहां मां-बेटे और पति-पत्नी को अलग-अलग वार्डों में दर्शाया गया है. परिसीमन में हुई गड़बड़ियों को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है. 

परिसीमन से पूर्व ग्रामीणों से विचार विमर्श नहीं

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में माखर ग्राम पंचायत के वार्डों का परिसीमन किया गया है, जिसमें वार्डों की संख्या 15 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि परिसीमन न तो भौगोलिक रूप से सही है और न ही व्यवहारिक. वार्डों का जो नजरी नक्शा तैयार किया गया है, वह पूरी तरह गलत है. मतदाताओं को उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिशा में मनमाने ढंग से दर्शाया गया है. साथ ही परिसीमन से पूर्व ग्रामीणों से किसी प्रकार का विचार-विमर्श भी नहीं किया गया. ग्रामीणों ने माखर गांव में नियुक्त बीएलओ को बदलने की मांग भी की है. 

परिसीमन में गड़बड़ी सामने आने के बाद एसडीएम कौशल्या बिश्नोई ने संबंधित बीएलओ राजेंद्र कुमार लांबा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में जवाब तलब किया है.ग्रामीणों ने मांग की है कि परिसीमन को निरस्त कर पुनः सही ढंग से वार्डों का निर्धारण किया जाए.

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