Rajasthan News: राजस्थान में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ जारी एसओजी (SOG) की मुहिम में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है. उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर नादान सिंह राठौड़ को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी यह साबित करती है कि नकल का यह जाल कितना गहरा और अपनों के बीच तक फैला हुआ था.
पिता ने ही बनाया नकल का जरिया
एसओजी की जांच में सामने आया कि नादान सिंह ने अपने पद की धमक का इस्तेमाल करते हुए अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए एक खतरनाक खेल खेला. नादान सिंह ने आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से साठगांठ की और परीक्षा से पहले ही प्रश्न-पत्र और उनके उत्तर हासिल कर लिए.
इस पूरी साजिश के तहत उसने अपने भांजे विजय कुमार डामोर के जरिए पेपर को अपने बेटे तक पहुंचाया. नतीजा यह रहा कि नकल के दम पर अजय प्रताप सिंह ने लिखित परीक्षा में हिंदी और सामान्य ज्ञान जैसे कठिन विषयों में रिकॉर्डतोड़ अंक हासिल किए.
पकड़ में आया पूरा नेटवर्क
इस मामले में अजय प्रताप सिंह को पहले ही 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है. अब ड्राइवर नादान सिंह की गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क की कड़ी को और मजबूत कर दिया है. एसओजी नादान सिंह से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसे बाबूलाल कटारा द्वारा पेपर आउट किए जाने की जानकारी कैसे मिली और इस पूरे तंत्र में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं.
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार अब तक इस पूरे प्रकरण में 141 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. फिलहाल नादान सिंह को रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है.
जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की जा रही यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ करते हैं. एसओजी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से मिटाने के लिए अनुसंधान जारी है और जल्द ही इस घोटाले से जुड़े सभी सफेदपोशों और उनके मददगारों का पर्दाफाश किया जाएगा.
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