Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले में नशा मुक्त माहौल और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. जिला कलेक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) और कोचिंग संस्थान निगरानी समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए.
कोचिंग और हॉस्टलों पर कड़ी निगरानी
बैठक में कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में विद्यार्थियों का मूवमेंट रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा. साथ ही हर हॉस्टल और पीजी का पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और सुरक्षा मजबूत हो.
‘नो-टोबैको जोन' बनेगा सीकर का अहम इलाका
कलेक्टर ने शहर के नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड को “नो-टोबैको जोन” घोषित करने के निर्देश दिए. इन क्षेत्रों में तंबाकू बिक्री और सेवन पर सख्ती से रोक लागू की जाएगी. सभी कोचिंग और हॉस्टलों में “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” के बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया है.
पुलिस को रेंडम जांच के निर्देश
पुलिस विभाग को कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों के आसपास नियमित और रेंडम चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ड्रग्स और नशे से जुड़े मामलों पर तुरंत कार्रवाई हो सके.
नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाने की तैयारी
बैठक में नशा मुक्ति के लिए बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया. इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित होंगे और गेटकीपर प्रशिक्षण के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा. “ऑपरेशन संकल्प” के तहत ड्रग-फ्री कैंपस का लक्ष्य तय किया गया है.
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हर कोचिंग संस्थान में काउंसलर नियुक्त किए जाएं और नियमित काउंसलिंग सत्र हों. छात्रों के लिए योग, मेडिटेशन और स्ट्रेस मैनेजमेंट कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिसमें सप्ताह में एक दिन विशेष सत्र अनिवार्य होगा.
हेल्पलाइन नंबर और नोडल अधिकारी अनिवार्य
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 समेत अन्य इमरजेंसी नंबर सार्वजनिक स्थानों और कोचिंग में प्रदर्शित किए जाएंगे. पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने बताया कि हर कोचिंग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय रखेगा.
तंबाकू बिक्री पर भी नियंत्रण की तैयारी
नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने तंबाकू विक्रेताओं के लिए लाइसेंस प्रणाली लागू करने और निगरानी के लिए अलग टीम बनाने का सुझाव दिया, जिससे शहर को पूरी तरह तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ सके.
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