सोनम वांगचुक जोधपुर जेल में दूषित पानी से बीमार, पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश होकर अदालत को बताया कि वांगचुक को जेल के पानी से पेट में दिक्कत हो रही है. वे डॉक्टर से जांच करवाना चाहते हैं, लेकिन कोई विशेषज्ञ नहीं आता.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सोनम वांगचुक

Sonam Wangchuk: प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और लद्दाख के शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक जोधपुर सेंट्रल जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में हैं. अब उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि जेल के दूषित पानी के कारण उन्हें पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो रही है. उनकी पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, जिसके बाद कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर (जैसे गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से उनकी चिकित्सा जांच कराने का निर्देश दिया है.

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने गीतांजलि आंगमो की ओर से पेश होकर अदालत को बताया कि वांगचुक को जेल के पानी से पेट में दिक्कत हो रही है. वे डॉक्टर से जांच करवाना चाहते हैं, लेकिन कोई विशेषज्ञ नहीं आता. सिब्बल ने मांग की कि उनकी साप्ताहिक जांच हो और परिवार द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला साफ पानी उन्हें दिया जाए.

सरकारी वकील का दावा 21 बार जांच की है

राजस्थान सरकार की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि पिछले चार महीनों में जेल के डॉक्टर ने उनकी 21 बार जांच की है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की पीठ (न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले) ने कहा कि सामान्य जांच काफी नहीं है और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत है. कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वांगचुक की जांच किसी सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट) से कराई जाए. पूरी मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 2 फरवरी तक अदालत में पेश की जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की सेहत को प्राथमिकता दी

यह आदेश वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान जारी किया गया. वांगचुक सितंबर 2025 में लद्दाख में हुए प्रदर्शनों के बाद एनएसए के तहत हिरासत में लिए गए थे और बाद में जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिए गए थे. उनकी पत्नी ने हिरासत को अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की सेहत को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है, जो जेल में बंद कैदियों के अधिकारों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है. मामले की अगली सुनवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः जयपुर: भांकरोटा गैस टैंकर हादसा संसद में गूंजा, बेनीवाल ने उठाए जांच पर सवाल, कहा- एक साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं