पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाले झबराराम का मोबाइल फोन सुरक्षा एजेंसियों ने चेक किया तो उसकी करतूत का खुलासा हुआ. आरोपी बॉर्डर इलाके में सेना के मूवमेंट की फोटो और वीडियो पाकिस्तान को भेज रहा था. वह पोकरण के नेडान गांव का रहने वाला है. वह पहले ई-मित्र चलाता था और अभी फिलहाल पानी सप्लाई करता था. साथ में बॉर्डर इलाके में घूम-घूमकर वह जासूसी करता था. झबराराम हनीट्रैप का शिकार है, और पाकिस्तानी महिला हैंडलर से बात करता था. वह पैसे लेकर भारतीय सेना की मूवमेंट की सूचना देता था.
ISI के संपर्क में था
झबराराम सोशल मीडिया के माध्यम से पाक खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था. जयपुर में कई सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जासूस से पूछताछ की. उसके मोबाइल फोन का तकनीकी जांच करवाया गया, जिसमें पाया गया कि संदिग्ध झबराराम ISI हैंडलर के संपर्क में था. हनीट्रैप में फंसा था, और पैसे लेकर भारतीय सेना की जानकारी देता था.
आरोपी स्वयं के नाम से जारी सिम कार्ड का ओटीपी देकर वाट्सएप डाउनलोड करवाया. वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों लिप्त था. पाकिस्तान की मदद कर रहा था. कल उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा.
26 जनवरी को हुआ था गिरफ्तार
CID ने 26 जनवरी को जैसलमेर से जासूस को गिरफ्तार किया था. ADG प्रफुल्ल कुमार के निर्देश में कार्रवाई की गई. टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि आरोपी झबराराम पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा है. भारतीय सेना की गोपनीय सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के हैंडलर को भेज रहा है, जिसके बाद टीम गठित कर आरोपी को डिटेन किया गया.
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