Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर से बड़ी खबर सामने आई है. जहां फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया. वे करीब 2 माह 11 दिन से जेल में बंद थे. रिहाई के बाद जेल परिसर में स्थित शिव मंदिर में उन्होंने माथा टेका और आशीर्वाद लिया.
जेल से बाहर आते ही भावुक बयान
मीडिया से बातचीत में भट्ट ने कहा कि वे कृष्ण के भक्त हैं और उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा था. उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं. मेवाड़ की माटी का तिलक लगाकर वे आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जेल में उनके कुछ नए मित्र बने हैं.
जानें क्या है पूरा मामला
यह विवाद उदयपुर के मशहूर इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत से शुरू हुआ. आरोप है कि भट्ट और उनकी पत्नी ने फिल्म प्रोजेक्ट्स में निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया. फिल्म बनाने के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये लिए गए लेकिन काम पूरा नहीं हुआ.
FIR में धोखाधड़ी का आरोप
इसके बाद जांच में फर्जी बिल बनाने और रकम निजी खातों में ट्रांसफर करने के आरोप भी सामने आए. ‘महाराणा-रण' और ‘विश्व विराट' जैसी फिल्मों के नाम पर पैसा लिया गया लेकिन शूटिंग शुरू नहीं हुई. नवंबर 2025 में दर्ज एफआईआर के अनुसार मामला केवल कॉन्ट्रैक्ट विवाद नहीं बल्कि सोची समझी धोखाधड़ी का बताया गया है.
मुंबई से हुई थी गिरफ्तारी
दिसंबर 2025 में राजस्थान पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई कर विक्रम भट्ट उनकी पत्नी मैनेजर महबूब अंसारी और उदयपुर के दिनेश कटारिया को गिरफ्तार किया था. भट्ट के वकील का कहना था कि मामला सिविल प्रकृति का है और सभी भुगतान आपसी सहमति से हुए थे.