सुप्रीम कोर्ट में आज फिर होगी अरावली पर सुनवाई, केंद्र और 4 राज्‍यों की सरकारें देंगी स्‍पष्‍टीकरण 

कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति के निष्कर्षों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को नोटिस जारी किए थे.

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फाइल फोटो.

सुप्रीम कोर्ट अरावली पर्वतमाला मामले में आज फिर से सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की बेंच इस मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली मानने के नियम पर रोक लगाई थी.

विरोध के बीच कोर्ट ने फैसला दिया था 

लगातार चले रहे प्रदर्शन और विवाद के बीच कोर्ट ने यह फैसला दिया था. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और अदालत की टिप्पणियां अगली सुनवाई यानी आज तक लागू नहीं होंगी. आज फिर से मामले में सुनवाई होगी. अदालत ने कहा कि रिपोर्ट और कोर्ट की टिप्पणियों के गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं, इसे दूर करने के लिए स्पष्टीकरण की आवयश्कता है.  

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर दिया था फैसला 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की समिति की सिफारिश को स्वीकार किया था. इस नए सुझाव के मुताबिक केवल 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली रेंज का हिस्सा माना जाएगा.  यह मामला 1985 से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.  सप्रीम कोर्ट से गोदावर्मन और एम.सी. मेहता मामले में अरावली को व्यापक संरक्षण प्राप्त है.   

अरावली कि सुरक्षा से खिलवाड़ बताया

नए आदेश के बाद राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में इस नई सिफारिश को लेकर विरोध तेज हो गया. पर्यावरणविदों और विपक्षी दलों ने इसे अरावली कि सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि छोटी पहाड़ियों को अरावली की श्रेणी से बाहर करने से खनन को बढ़ावा मिलेगा. यह पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा है. केंद्र सरकार ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है. अरावली का संरक्षण जारी रहेगा. 

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