Jodhpur central jail: देश की सबसे सुरक्षित जेलों में शुमार जोधपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है. 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी और आतंकी टुंडा के करीबी को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है. जयपुर, अजमेर व उदयपुर से 220 हार्डकोर और टाडा बंदी भी लाए गए. फिलहाल इसी जेल में सोनम वांगचुक भी बंद हैं. यहां कुल 1650 कैदियों को रखा गया है. शिफ्ट किए गए हार्डकोर अपराधियों में आतंकी अब्दुल करीम टुंडा के करीबी हमीदुद्दीन उर्फ हमीद उर्फ सलीम, इरफान अहमद समेत तीन सजायाफ्ता कैदी भी शामिल हैं.
कोटा से 57 कैदी भी होंगे शिफ्ट
कारागार मुख्यालय के अनुसार जयपुर से 2 टाडा बंदी समेत 62 सजायाफ्ता कैदी, अजमेर से 63 कैदी (एक टाडा बंदी शामिल) और उदयपुर से 95 बंदी जोधपुर में शिफ्ट किए गए हैं. कोटा से भी 57 बंदियों को यहां शिफ्ट किए जाने की तैयारी है. बड़े स्तर पर की गई इस पुनर्व्यवस्था का उद्देश्य गैंग गतिविधियों पर नियंत्रण और हाई-रिस्क कैदियों को अलग-अलग रखना बताया गया है.
जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
बंदियों को कड़ी पुलिस निगरानी में अलग-अलग सुरक्षा वाहनों से लाया गया. जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है. संवेदनशील बैरकों की निगरानी बढ़ाई गई है, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम पर विशेष फोकस किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, हाई-रिस्क बंदियों को अलग बैरकों में रखने की रणनीति पर काम चल रहा है.
स्टाफ की कमी से जूझ रहा प्रशासन
सेंट्रल जेल में पहले से स्टाफ की कमी बताई जा रही है. उप-अधीक्षक, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के बीच टाडा व आतंकी गतिविधियों से जुड़े बंदियों की मौजूदगी जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. सूत्रों के अनुसार, अतिरिक्त स्टाफ की मांग जल्द भेजी जा सकती है.
टुंडा का नाम फिर चर्चा में
अब्दुल करीम टुंडा को 2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था. बम बनाने की विशेषज्ञता के कारण उसे डॉक्टर बम कहा जाता था. बम बनाते समय हुए विस्फोट में उसका बायां हाथ उड़ गया था. टाडा कोर्ट ने वर्ष 2024 में सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, जबकि उसके साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. अब उसके करीबी दोषियों की जोधपुर सेंट्रल जेल में मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है.
सेंट्रल जेल सुप्रीडेंट प्रदीप लखावत ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों के निर्देश मिले थे. बंदियों को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है. इनमें 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट में आतंकी टुंडा के साथी भी शामिल हो सकते है. इनमें कौन-कौन से बड़ें टाडा बंदी है, इस बारे में जयपुर मुख्यालय से ही पता लग सकता है.
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