Rajasthan: राजस्थान सरकार ने जारी की 'राजस्थान युवा नीति–2026', युवाओं के लिए रोज़गार के नए मौक़े होंगे पैदा 

नीति में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, सामाजिक उद्यमिता, स्वयंसेवा और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Rajasthan Youth Policy-2026: राजस्थान सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए राजस्थान युवा नीति–2026 को जारी किया है. राज्य सरकार का मानना है कि बदलती जनसांख्यिकी, युवाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति तथा बदलती परिस्थितियों को देखते हुए युवा नीति का नवीनीकरण आवश्यक है. इससे पहले राज्य में लागू युवा नीति वर्ष 2025 में लाई गई थी. नई नीति के माध्यम से युवाओं को विकास का सक्रिय चालक मानते हुए एक ऐसा समावेशी और सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें हर युवा को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें.

सरकार का कहना है कि नई युवा नीति का मुख्य विजन यह है कि राजस्थान ऐसा राज्य बने जहां युवा विकास के केंद्र में हों. नीति का उद्देश्य युवाओं को आवश्यक कौशल से युक्त करना, उन्हें नैतिक रूप से जागरूक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज के समग्र विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है.

''करियर परामर्श और कौशल निर्माण को मजबूत किया जाएगा''

राजस्थान युवा नीति–2026 के प्रमुख बिंदुओं में शिक्षा और कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता, स्वास्थ्य और कल्याण, युवा नेतृत्व विकास, सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता, कला और संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मजबूत संस्थागत तंत्र का विकास शामिल है. शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, करियर परामर्श और कौशल निर्माण को मजबूत किया जाएगा.

राजस्थान युवा नीति–2026 के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार और बुनियादी अधिकारों तक युवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. युवाओं को नेतृत्व की भूमिका निभाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार करने की दिशा में भी नीति केंद्रित रहेगी. इसके साथ ही समाज, राज्य और राष्ट्र की बेहतरी के लिए युवाओं की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने का लक्ष्य तय किया गया है.

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वैश्विक समाज में युवाओं के सशक्तिकरण

नीति में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, सामाजिक उद्यमिता, स्वयंसेवा और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है. वैश्विक समाज में युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास के अवसरों का विस्तार और तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

इसके अलावा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति युवाओं में गर्व और सम्मान की भावना विकसित करना, कला, खेल, संस्कृति और साहित्य जैसे क्षेत्रों में उभरती प्रतिभाओं को पहचान देना और उनका समर्थन करना भी नीति के प्रमुख उद्देश्य हैं. युवाओं की सक्रिय भागीदारी से लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और भेदभावपूर्ण प्रथाओं को समाप्त करने पर भी नीति में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं.

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नई युवा नीति के तहत सामाजिक रूप से समावेशी रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसमें हाशिये पर खड़े युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और किसी को भी पीछे न छोड़ने के सिद्धांत के साथ समान प्रगति सुनिश्चित की जाएगी.

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