Rajasthan Politics: गहलोत के स्वास्थ्य पर CM भजनलाल की टिप्पणी से भड़के टीकाराम जूली, कहा- '2 साल की हताशा में मर्यादा भूल गए मुख्यमंत्री'

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीएम अशोक गहलोत की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्हें काम के लिए अयोग्य बताया और उनके दिल्ली दौरों की तुलना अपने दौरों से की.

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राजस्थान की सियासत में 'तू-तू मैं-मैं'! टीकाराम जूली का सीएम भजनलाल पर करारा वार
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Jaipur News: राजस्थान की मरूधरा पर सियासी तपिश अब 'मर्यादा' की सीमा पार करने लगी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच शुरू हुई 'दिल्ली दौरों' की जंग अब 'स्वास्थ्य' और 'हताशा' तक पहुंच गई है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tika Ram Jully) ने सीएम भजनलाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री महज 2 साल के कार्यकाल में ही अपना आपा खो चुके हैं.

'पद की गरिमा मिट्टी में मिलाने जैसा'

टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा में 2 साल में ही इतनी हताशा आ गई है कि वह सामान्य मानवीय संवेदनाओं को भी भूल चुके हैं. जूली का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब सीएम ने अशोक गहलोत के स्वास्थ्य को लेकर टिप्पणी की. जूली ने इसे 'बेहूदा' करार देते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री पद की गरिमा को मिट्टी में मिलाने जैसा है.

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अफसरशाही उड़ा रही मजाक? माफी की मांग

जूली यहीं नहीं रुके. उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि सीएम भजनलाल के ऐसे बयानों के कारण अब जनता ने उन्हें गंभीरता से लेना बंद कर दिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब तो अफसरशाही भी गाहे-बगाहे उनका मजाक बनाने लगी है. जूली ने मांग की है कि सीएम को अपने इन 'असंवेदनशील' शब्दों के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए.

क्या था पूरा मामला?

विवाद की चिंगारी तब सुलगी जब सीएम भजनलाल शर्मा ने मानसरोवर में गहलोत का नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला. सीएम ने कहा था, आप अपना समय होटलों में आराम करते हुए बिताते थे. जब भी आप बाहर निकलते थे, तो आप काम करने के लिए अयोग्य लगते थे. विपक्ष हमारे 2 साल के काम की तुलना अपने 5 साल से करने को तैयार नहीं है और चर्चा से भागकर विधानसभा से बाहर चला जाता है.'

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दिल्ली दौरों पर तकरार

सीएम ने दिल्ली दौरों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वह दिल्ली से 'ठोस नतीजे' लेकर लौटते हैं, जबकि पिछली सरकार दिल्ली जाकर अपनी कुर्सी बचाने और होटलों में रहने का काम करती थी. उन्होंने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और पेपरलीक को लेकर भी कांग्रेस को जमकर घेरा.

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