Adarsh Credit Co-operative Society: राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक बार फिर से आदर्श क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी (Adarsh Credit Co-operative Society) के खिलाफ चल रहे केस के मामले में सरकार का ध्यान आकर्षित किया है. जूली ने कहा कि इस मामले में एक गंभीर अनियमितता वकीलों की तरफ से पैरवी को लेकर दिख रही है. जूली ने कहा कि सरकार के वकील के रूप में पीड़ितों की पैरवी करने वाले शिवमंगल शर्मा उसी लॉ फर्म से जुड़े हुए हैं जो इस मामले के एक सह आरोपी की भी पैरवी कर रही है.
22 लाख लोगों ने पैसा जमा कराया
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक बार फिर आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी का मामला उठाया है. जूली ने कहा कि सिरोही में मुकेश मोदी और उनके परिवार के तकरीबन 60 लोग आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े हुए थे. इस सोसाइटी में तकरीबन 22 लाख लोगों ने पैसा जमा कराया. लेकिन निवेशकों के तकरीबन 15 हज़ार करोड रुपए से ज्यादा रकम को प्रमोटर परिवार ने 125 से ज्यादा शैल कंपनियां बनाकर हड़प लिया.
एक लॉ फर्म के वकील कर रहे आरोपी और सरकार की पैरवी
जूली ने कहा कि इस मामले में जयपुर, दिल्ली और गुड़गांव समेत अलग-अलग जगह केस भी दर्ज हुए हैं. राजस्थान में एसओजी ने भी इस मामले में मुकदमा दर्ज करके जांच की है. जूली ने कहा कि तकरीबन 200 लोगों की गिरफ्तारियां इस मामले में हुई, लेकिन मामले का एक सह आरोपी सिद्धार्थ चौहान अभी तक फरार चल रहा है. जूली ने कहा कि उसी फरार सिद्धार्थ चौहान की पैरवी एक दूसरे मामले में वही लॉ फर्म कर रही है, जिससे सरकार के वकील एडवोकेट शिवमंगल शर्मा जुड़े हुए हैं.
जूली ने की जांच की मांग
नेता प्रत्यक्ष ने कहा कि ऐसा भी संभव है कि यह मुद्दा सरकार के संज्ञान में ही ना आ पाया हो. जूली ने कहा कि सरकार को इस मामले में कॉग्निजेंस लेकर जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार वकील को मामले से अलग करना चाहिए.
टीकाराम जूली ने कहा कि मामला इतना गंभीर है कि पीड़ित पक्ष और दूसरे मामले में आरोपी की पर भी करने वाले वकील का रजिस्ट्रेशन तक निरस्त हो सकता है. लिहाजा उन्होंने इस मामले में सरकार से पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है.
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