Rajasthan News: राजस्थान के टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में रात के अंधेरे में चल रहे मिलावटी दूध के काले कारोबार का टोंक जिला पुलिस की स्पेशल टीम DST ने भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान पुलिस भी यह देखकर हैरान रह गई कि किस तरह धार्मिक नगरी डिग्गी कल्याणजी में दूध के नाम पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था.
हरियाणा से आकर फैक्ट्री चला रहा था सरगना
पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन हरियाणा के बहरोड़ निवासी सोनू यादव कर रहा था. आरोपी रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध तैयार कर जयपुर अजमेर और टोंक के बाजारों में सप्लाई कर रहा था. लंबे समय से यह कारोबार चुपचाप चल रहा था.
भारी मात्रा में मिलावटी दूध और सामग्री जब्त
DST टीम ने डिग्गी कस्बे में दबिश देकर 5 हजार 500 लीटर मिलावटी दूध जब्त किया. इसके साथ दूध के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही 5 पिकअप गाड़ियां 1 दूध का टैंकर भी पकड़ा गया. मौके से दूध बनाने की बड़ी मात्रा में सामग्री भी बरामद हुई.
क्या क्या मिला फैक्ट्री से
पुलिस ने फैक्ट्री से 2100 लीटर सोयाबीन तेल 500 लीटर डालडा घी 550 किलो मिल्क पाउडर 2500 किलो लैक्टोज और 105 किलो कास्टिक सोडा जब्त किया है. यह सभी सामग्री दूध को असली दिखाने और लंबे समय तक खराब न होने देने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी.
कैसे तैयार किया जाता था जहरीला दूध
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पानी में मिल्क पाउडर और लैक्टोज मिलाकर दूध जैसा रंग तैयार करते थे. फैट बढ़ाने के लिए सोयाबीन तेल और डालडा घी मिलाया जाता था. दूध को खराब होने से बचाने के लिए कास्टिक सोडा का इस्तेमाल किया जाता था जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है.
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें सोनू यादव के साथ अजमेर और टोंक जिलों के अन्य आरोपी शामिल हैं. सभी से पूछताछ जारी है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.
सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती
DSP मालपुरा आशीष कुमार ने बताया कि आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.
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